उदयपुर की सीएचसी को आईएफआरयू की दर्जा प्रात, सेटअप में 15 डॉक्टर, पर सात सालों से खाली, ऐसे में कैसे होगा ईलाज

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भरत लाल गुप्ता 

उदयपुर। सरगुजा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर की अस्पताल को आईएफआरयू सेंटर की दर्जा प्राप्त है। शासन ने यहां पर्याप्त सुविधाएं देने का प्रावधान की है लेकिन विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी से यहां तमाम परेशानी है। यहां की अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर नहीं होने से आए दिन मरीजों को परेशानी से भुगतना पड़ता है। उदयपुर से 30-40 किलोमीटर रहवासी गांव के लोग यहां इलाज कराने गंभीर अवस्था में लाते हैं लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस बीच गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों की जान भी चला जाता है। ऐसा केश कई बार हो चुका है। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य महकमें इस ओर गंभीर नहीं है।

सीएचसी सहित आईएफआरयू सेंटर में कुल 15 स्टाफ की सेटअप है इसमें वर्तमान में छ: डॉक्टर ही पदस्थ हैं ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत समझ से परे हैं। अस्पताल में कम स्टाफ होने के कारण प्रतिदिन रोस्टर में ड्यूटी डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। जबकि सीएससी उदयपुर की अस्पताल में प्रतिदिन सर्दी, खांसी, बुखार, टाइफाइड, मलेरिया, टीवी, सहित सामान्य रोग से ग्रसित की ओपीडी केश 60 से 80 के बीच है। वहीं इस केश में 3 से 4 प्रतिशत प्रतिदिन रेफर किया जाता है। जबकि अंबिकापुर बिलासपुर हाईवे मार्ग में आए दिन दुर्घटना संबंधित मरीज यहां भर्ती किया जाता है। यहां डॉक्टरों की कमी से अधिकांश केश रेफर किया जाता है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर में गर्भवती महिलाओं का महीने में 9 व 24 तारीख को ईलाज कराने बुलाया जाता है लेकिन अस्पताल में पर्याप्त संसाधन की कमी से कई बीमारी का इलाज नहीं होता है। वहीं गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण हो नहीं होता है, जबकि गर्भवती महिलाओं का रुटीन चेकअप करने के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति आकार सहित धड़कन की जांच की आवश्यक उपचार भी जरूरी है।

विभाग की सेटअप इस प्रकार है –
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में –
1, खंड चिकित्सा अधिकारी – डॉ. आशाराम जयंत
2, विशेषज्ञ मेडिसिन – डॉ व्हीके श्रीवास्तव
3, अस्थि रोग विशेषज्ञ – खाली
4, विशेषज्ञ स्त्री रोग – खाली
5, विशेषज्ञ शिशु रोग – डॉ स्वाति कुर्रे
6, पीजीएमओ निश्चेतना – खाली
7, चिकित्सा अधिकारी – डॉ संजीव तिग्गा

वहीं एम.सी.एच. 50 विस्तरीय में –
1, अस्पताल अधीक्षक – खाली
2, निश्चेतना विशेषज्ञ – खाली
3, शिशु रोग पीजीएमओ – खाली
4, विशेषज्ञ स्त्री रोग पीजीएमओ – खाली
5, पीजीएमओ पैथोलॉजी – डॉ दीपक गुप्ता
6, चिकित्सा अधिकारी – डॉ योगेंद्र सिंह पैकरा

सीएमएचओ डॉ पी एस मार्को ने बताया डॉक्टरों की सेटअप राज्य सरकार के द्वारा किया जाता है जिन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है उनकी जानकारी हम भेज दिए हैं।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर