नारायण और सुनन्दा के कानून से भयभीत छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ; संबंधित न्यायालय, केन्द्रीय व राज्य सरकार के कानून से काटने दौड़ते हैं।

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इस प्रदेश की एवं राष्ट्रीय मीडिया, विभिन्न आयोग कब तक चुप रहें

 

नारायण प्रसाद केशरवानी बनाम छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी

 

 

उक्त संदर्भित मामले में 10 वर्ष और 9 माह से छत्तीसगढ़ सरकार के नाक नीचे बैठकर विद्युत वितरण कंपनी ने विभागीय कार्यवाही के नाम बताकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कार्यकाल के दौरान आप दोनों राज्य सरकार का नाक काट दिया।

 

हमारे देश और प्रदेश के उपभोक्ता और विद्युत अधिनियम संविधान और सरकारी तंत्र की नाक काट कर लोकप्रिय सरकार को परोस दिया है।

 

कोई भी सबूत और सच्चाई जानने प्रमाण के लिए सम्पर्क कर सकते हैं।

वर्तमान अधीक्षण अभियंता सीदार जी छगविविकं (संचा./संधा.) नगर संभाग 

 

 

 

 

 

के अलावा खुद विभाग के विद्युत जांच कर्ता शशांक श्रीवास्तव,

अवैद्य बिल जारी कर्ता अमित कुमार और 2013-2014 में कोरबा में पदस्थ कार्यपालन यंत्री ए के भारद्वाज से पूछ सकते हैं।

जिसने नारायण प्रसाद का बिजली कनेक्शन की जांच 7 जनवरी 2013 को किया गया उन्होंने अपने बयान में बताया है,

 

प्रचारक

प्रदेश अध्यक्ष

पंचशील कौशल सेवा संस्थान

अपनी संस्था के नियमावली कंडिका 6 के तहत किसी भी गलत दिखने वाले कार्यवाही पर सरकार और संबंधित संविधान को बचाने में अपना योगदान राज्य और केंद्र सरकार को दे सकता है। अधिकार है,

 

Aashiq khan
Author: Aashiq khan