फसल सुरक्षा हेतु रोका-छेका अभियान में पशुपालकों और ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता ज़रूरी

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अम्बिकापुर ब्यूरो 

खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए इस वर्ष भी प्रदेशव्यापी रोका-छेका अभियान चलाया जा रहा है।

मानसून के सक्रियता के साथ ही पूरे क्षेत्र में धान और अन्य फसलों की खेती प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में आवश्यक है कि खेती की सुरक्षा के लिए सभी ग्राम पंचायतों में चराई बंदी लागू की जाए।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन और सीईओ जिला पंचायत श्री नूतन कुमार कंवर के निर्देशन में रोका-छेका अभियान के तहत सभी मवेशियों को घरों में बांधकर रखने के साथ ही ग्राम पंचायतों में घूम कर खेती का नुकसान करने वाले आवारा पशुओं को गौठानों में रखकर देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

खुले में चराई कर रहे पशुओं पर नियंत्रण रखने तथा फसलों की रक्षा के उद्देश्य राज्य शासन द्वारा अभियान की शुरुआत की गई।

स्थानीय परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए अभियान में ग्रामीणजनों की सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।

फसलों को चराई से बचाने के लिए पशुओं को नियमित रूप से गौठान में लाए जाने तथा पशुओं को घरों में बांध कर रखने सम्बन्धी जानकारी के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इसके साथ ही गौठानों में पशु चिकित्सा शिविर लगाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच, पशु नस्ल सुधार हेतु बधियाकरण, कृत्रिम गर्भधान एवं टीकाकरण किया जा रहा है।

गौरतलब है कि रोका-छेका प्रदेश की पुरानी परंपरा है। राज्य में बीते सालों में भी यह अभियान चलाया गया था, जिसका परिणाम बड़ा ही उत्साहजनक रहा है।

जिले के सभी ग्राम पंचायतों में सुराजी ग्राम योजना के तहत ग्राम गौठान बनाए गए है और इनमें पशुओं हेतु पर्याप्त चारे तथा पानी की व्यवस्था की गई है।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan