बस्तामुक्त विद्यालय रुनियाडीह के सीमांचल त्रिपाठी द्वारा श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी भिलाई में बस्तामुक्त विद्यालय की अवधारणा एवं आवश्यकता पर दिया प्रजेंटेशन

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अनिल साहू

*श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित* 

सुरजपुर/ बिश्रामपुर। क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह के संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी को श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग रायपुर एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा विक्रम संवत 2082 अंतर्गत विकसित भारत स्वर्णिम युग की ओर 2047 के तहत छत्तीसगढ़ के विकास के लिए शिक्षा कार्यक्रम में बस्तामुक्त विद्यालय की अवधारणा एवं उसकी आवश्यकता पर अपनी बातों को रखने के लिए आमंत्रित किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेश भैय्या जी जोशी पूर्व सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागपुर, मुख्य संरक्षक डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आई पी मिश्रा कुलाधिपति श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई, डॉ सी के गोयल अध्यक्ष छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग रायपुर, संरक्षक प्रोफेसर राजीव प्रकाश निदेशक आईआईटी भिलाई, ओम प्रकाश शर्मा राष्ट्रीय संयोजक शिक्षा से आत्मनिर्भरता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली तथा समन्वयक दिलीप केशरवानी प्रांत संयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास रहे। प्रथम दिवस के तृतीय सत्र में कुल चार प्रेजेंटेशन किए गए, जिसमें गुरु घसीदास यूनिवर्सिटी बिलासपुर से डॉ सीमा राय, सी वी रमन यूनिवर्सिटी से डॉ अनुपम तिवारी, शंकराचार्य मेडिकल यूनिवर्सिटी भिलाई से डॉ जया मिश्रा के साथ बस्तामुक्त विद्यालय के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी ने अपनी बात रखी। आपके द्वारा विद्यालय में बच्चों को आनंदमयी शिक्षा प्रदान करना, एक पुस्तक का उपयोग दो या दो से अधिक बार कर पुस्तक का सम्मान करना, बाल कैबिनेट में मंत्रीगण के कार्य एवं जिम्मेदारी, पर्यावरणीय संतुलन एवं जन जागरूकता के तहत एक पेड़ मां के नाम अंतर्गत पौधों का रोपण, संवर्धन और संरक्षण करने, किचन गार्डन में जैविक खाद उपयोग कर बच्चों के एमडीएम हेतु एक अतिरिक्त सब्जी प्राप्त करने सहित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति अंतर्गत कक्षा छठवीं से ही बच्चों को रोजगारोन्मुखी सामाज उपयोगी कौशलों का उचित प्रशिक्षण देकर कौशल उन्नयन कर समाज व देशहित खातिर उत्कृष्ट नागरिक तैयार करने तथा माता-पिता एवं बड़ों के प्रति बच्चों में श्रद्धा भाव उत्पन्न कर उन्हें संस्कारवान बनाने, बच्चों की दैनिक उपस्थिति शत-प्रतिशत करने, शिक्षा-खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में अधिकाधिक संख्या में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में संभाग का नेतृत्व करने की जानकारी उपस्थित अतिथियों के सम्मुख रखी। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, अधिकारी-कर्मचारी, स्कालर्स, प्रोफेसर और डॉक्टरों की उपस्थिति रही और सभी ने विद्यालय स्तर पर किए जा रहे कार्यों को खूब सराहा एवं विद्यालय आकर बच्चों से मिलने की इच्छा जाहिर की। सीमांचल त्रिपाठी को आयोजन समिति द्वारा प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर