उपार्जन केंन्द्रो से नहीं हो रहा धान का उठाव,समिति एवं किसानो की परेशानी बढ़ी

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CG आजतक न्यूज़ ब्यूरो 

अंबिकापुर सरगुजा

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आशिक खान

 

उपार्जन केंद्रों से नहीं हो रहा धान का उठाव, किसानों की बढ़ी परेशानी

 

सरगुजा संभाग के समस्त –जिलों के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी तो जारी है,

लेकिन मिलरों द्वारा धान का समय पर उठाव नहीं होने के कारण केंद्रों में धान का भारी जाम लग गया है।

इस समस्या के चलते खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और किसानों को अपनी उपज बेचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि कई उपार्जन केंद्रों में जगह की कमी के कारण नए किसानों का धान खरीदा जाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, धान खरीदी शुरू हुए लगभग 28 दिन बीत चुके हैं,

लेकिन अब तक अधिकांश उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव प्रारंभ नहीं हो पाया है।

इसके पीछे प्रमुख कारण राइस मिलरों से अनुबंध प्रक्रिया का पूरी तरह संपन्न न होना बताया जा रहा है।

मिलरों से अनुबंध नहीं होने के कारण धान का परिवहन और मिलिंग कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है,

जिससे खरीदी केंद्रों में बोरी पर बोरी धान जमा होता जा रहा है। धान खरीदी केंद्रों में धान लंबे समय तक पड़े रहने से उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

खरीदी के शुरुआती दिनों में उपार्जित किया गया धान अब नमी के संपर्क में आ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते उठाव नहीं हुआ तो धान में नमी बढ़ने से गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिसका सीधा नुकसान किसानों और शासन दोनों को उठाना पड़ सकता है।

किसानों का कहना है कि वे सुबह से शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन केंद्रों में जगह नहीं होने के कारण कई बार उन्हें बिना धान बेचे ही वापस लौटना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है,

बल्कि परिवहन और मजदूरी पर भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

किसानों ने यह भी बताया कि धान देर तक खुले में पड़े रहने से बारिश या नमी के कारण खराब होने का डर बना हुआ है।

     उपार्जन केंद्रों में काम कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि मिलरों से अनुबंध पूरा होते ही धान का उठाव शुरू हो जाएगा।

प्रशासन स्तर पर इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है और दस्तावेजी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में धान उठाव की प्रक्रिया तेज की जाएगी,

ताकि खरीदी केंद्रों में जमा धान को जल्द से जल्द मिलों तक भेजा जा सके। वर्तमान में धान खरीदी केंद्रों पर टोकन कटने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

बताया जा रहा है कि अभी तक लगभग 10 प्रतिशत किसानों ने ही अपना धान बेचा है, जबकि शेष 90 प्रतिशत किसान खरीदी की प्रतीक्षा में हैं।

टोकन की अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद धान का उठाव शुरू नहीं होने से समस्या बनी हुई है।

    गौरतलब है कि पिछले खरीदी वर्ष में जिले में लगभग 4oसे 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी लगभग उसी स्तर पर खरीदी का अनुमान है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मिलरों से अनुबंध प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर धान उठाव तुरंत शुरू कराया जाए,

ताकि उपार्जन केंद्रों पर बने दबाव को कम किया जा सके और किसानों को राहत मिल सके।

यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।

ऐसे में प्रशासन के लिए आवश्यक हो गया है कि वह इस ओर गंभीरता से ध्यान दे और किसानों के हित में त्वरित निर्णय ले।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan