बिहारपुर क्षेत्र के सतरह गांव मे आजादी के सत्तर वर्ष बाद भी बिजली नहीं लगी, ग्रामीणों ने मुंडन करा हड़ताल पर बैठे हैं

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CG आजतक न्यूज़ 

 

 ब्यूरो अंबिकापुर

आशिक खान



आजादी के सत्तर वर्ष बाद भी लालटेन युग मे जी रहे हैं, ग्रामीणों द्वारा बिजली की मांग को लेकर लगातार आंदोलन करने को मजबूर है,

इतना ही नहीं आंदोलन और हड़ताल मे बैठे लोगों ने मुंडन कराकर अनोखा प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया है,

बिजली वितार आंदोलन को कुशवाहा युवा एकता सेवा कल्याण संघ ने भी अपना समर्थन देते हुए सम्पूर्ण सहयोग करने कमर कस लिया है,

 

विदित हो की बिहारपुर क्षेत्र के पहुंच विहीन सतरह गांव मे आज तक बिजली की व्यवस्था नहीं किया जा सका है, जिससे सरकार के कार्यों और गतिविधियों से उद्देलित होकर ग्रामीणों ने विधुत आपूर्ति हेतु तहसील ग्राउंड मे अपनी जायज मांग के लिए धरने पर बैठे है,

ग्रामीणों का सीधा आरोप हैं की भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की सरकार सभी यहां के निवासरत लोगों को आश्वाशन ही देते आये है, किन्तु आजतक बिजली खम्भा तक गांव मे नहीं गिरा पाया, तो बिजली तो एक सपना बनकर रह गया है,

बताया जाता है की एक तरह भारत आंतरिक्ष और मंगल ग्रह पर पहुंच गया, वैज्ञानिक और टेक्निलोजी के जमाने मे ऐसी 

दूरदशा हो चूका है की बच्चों को पढ़ाई लिखाई के अलावा बिजली से क़ृषि कार्य सहित घरेलु उपयोग सहित हजारों कार्यों के लिए मुख्यालय जैसे स्थानों मे अपना पूरा समय गवाना पड़ता है

, जिसकी मांग सालो से करते आ रहे किन्तु यहां पर सुनते सब है, किन्तु पहल नहीं हो पाई है,

इस बार सरकार और ग्रामीणों के बीच आर पार की लड़ाई के लिए ग्रामीणों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर सर मुंडन कराकर बैठे है, लगातार आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों की तादाद बढ़ती ही जा रही है, वहीं सरपंचो सहित विभिन्न संगठन के द्वारा भी खुला समर्थन मिलता जा रहा है,

आंदोलन कारियों ने कहा की ज़ब तक बिजली की व्यवस्था सरकार नहीं करती, तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे 

ग्रामीणों का खुला आरोप है की चुनाव के समय वर्तमान विधायक व केबनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी छः महीने का आश्वासन दी थीं, और आज ढाई वर्ष पार हो गया किन्तु बिजली के संबंध मे सिर्फ तालमटोल जवाब ही मिलता आया है देखना दिलचस्प होगा की इस बार का हड़ताल से सरकार किस तरह का आश्वाशन ही देगा या धरातल पर गांव का विकास की रफ्तार बढ़ेगा l

Aashiq khan
Author: Aashiq khan