राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हुए सूरजपुर के दो शिक्षक

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अनिल साहू

गोपाल सिंह और योगेश कुमार साहू ने बढ़ाया जिले का गौरव, विज्ञान, नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षा और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान

सूरजपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के दो प्रतिभावान शिक्षकों गोपाल सिंह एवं योगेश कुमार साहू को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दोनों शिक्षकों को सम्मानित कर उनके समर्पण, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।

दोनों शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति, विज्ञान शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य किया है। उनके उत्कृष्ट कार्यों से न केवल विद्यार्थियों को लाभ मिला, बल्कि सूरजपुर जिले को भी राज्य स्तर पर गौरव प्राप्त हुआ है।

कलेक्टर ने दी बधाई, कहा—शिक्षकों का समर्पण ही मजबूत भविष्य की नींव

राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक गोपाल सिंह एवं योगेश कुमार साहू को कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों शिक्षकों की मेहनत, लगन, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का गौरवपूर्ण परिणाम है। उन्होंने कहा कि दोनों शिक्षकों ने नवाचारपूर्ण शिक्षण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि शिक्षकों का समर्पण ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों शिक्षकों के कार्यों से प्रेरणा लेकर जिले के अन्य शिक्षक भी नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करने के लिए प्रेरित होंगे।

विज्ञान और नवाचार को बनाया शिक्षण का आधार

गोपाल सिंह विज्ञान शिक्षा, नवाचार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित और प्रेरणादायी शिक्षक के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के चलते उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘शिक्षा श्री गौरव अलंकरण पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, इंस्पायर अवार्ड-मानक, पश्चिम भारत विज्ञान मेला, प्रेरणा उत्सव, युवा महोत्सव सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विज्ञान एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है।

आधुनिक तकनीक को शिक्षण से जोड़ते हुए गोपाल सिंह स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर, आईसीटी, प्रयोगात्मक शिक्षण एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का प्रभावी उपयोग करते हैं। विद्यालय में विज्ञान मेले, क्विज, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, यूथ एवं इको क्लब, पोषण वाटिका, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने का निरंतर प्रयास करते हैं।

गोपाल सिंह ‘विज्ञान के अद्भुत विचार’ एवं ‘सफलता की राहें’ जैसी पुस्तकों के लेखक भी हैं। शिक्षा को समाज परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की उनकी कार्यशैली उन्हें एक प्रेरणादायी शिक्षक के रूप में स्थापित करती है।

 

गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों में बढ़ाया सीखने का उत्साह

शासकीय माध्यमिक शाला पतरापाली के शिक्षक योगेश कुमार साहू को नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

श्री साहू ने विद्यालय में स्मार्ट क्लास, टीएलएम निर्माण, किचन गार्डन, प्रयोगात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण तथा ‘खेल-खेल में शिक्षा’ जैसी गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू कर विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को सरल, रोचक और आनंददायक बनाने का प्रयास किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी सीखने की क्षमता और उत्साह को बढ़ाया। इसके साथ ही शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, नियमित पालक संपर्क, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

स्काउट-गाइड, विज्ञान एवं जागरूकता कार्यक्रम, खेलकूद, राष्ट्रीय पर्व, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता अभियानों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्होंने विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

18 बार रक्तदान कर पेश की सामाजिक सेवा की मिसाल

शिक्षक योगेश कुमार साहू शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। वे अब तक 18 बार रक्तदान कर चुके हैं। उनकी यह पहल विद्यार्थियों और समाज के लिए सेवा, संवेदनशीलता एवं मानवीय जिम्मेदारी की प्रेरणादायी मिसाल है।

दो शिक्षकों के सम्मान से जिले में खुशी की लहर

सूरजपुर जिले के दो शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार मिलने से विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, पालकों एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में गोपाल सिंह की उपलब्धियां तथा गतिविधि आधारित शिक्षा एवं सामाजिक सेवा में योगेश कुमार साहू का योगदान निश्चित रूप से अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। दोनों शिक्षकों का राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित होना सूरजपुर जिले के लिए गौरव का विषय है।

anil sahu
Author: anil sahu

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