
संकुल समन्वयकों की हुई नियुक्ति, विभागीय कार्यों में आएगी तेजी
रामानुजनगर में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा जोर
रामानुजनगर – विकासखंड रामानुजनगर में शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से संकुल समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालन, समग्र शिक्षा के माध्यम से की गई इन नियुक्तियों से विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर संचालन तथा शासन की विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जारी नियुक्ति के अनुसार विकासखंड के विभिन्न संकुलों में जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। द्वारिकापुर संकुल में उमेश्वर सिंह, छिंदिया में मुकेश सिंह, कोट में राधेश्याम साहू, सुरता में मानसाय सिंह, पतरापाली में योगेश साहू, अर्जुनपुर में महिपाल सिंह तथा कृष्णापुर संकुल में सतीश साहू को संकुल समन्वयक नियुक्त किया गया है।
संकुल समन्वयक विद्यालयों और विकासखंड स्तर के शैक्षिक प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उनकी भूमिका विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, शिक्षकों के साथ समन्वय, विभागीय निर्देशों के पालन, विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों में सुधार तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में महत्वपूर्ण होती है। नियमित समन्वय एवं समयबद्ध कार्यवाही से विद्यालयों में आने वाली समस्याओं का निराकरण करने और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
जिला मिशन समन्वयक मनोज साहू ने रामानुजनगर विकासखंड में संकुल समन्वयकों की नियुक्ति के बाद शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विभागीय कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई है। उन्होंने जिले में संचालित विशिष्ट शैक्षिक पहल ‘शब्दबीज एवं सूर्योदय सूरजपुर’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। इस पहल के अंतर्गत बच्चों की भाषा संबंधी दक्षताओं, पठन-पाठन की आदतों और बुनियादी शैक्षणिक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की APAAR ID निर्माण, एमबीयू से संबंधित कार्यों तथा बुक स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों में भी शीघ्र प्रगति की अपेक्षा की गई है। इन कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने के लिए संकुल स्तर पर नियमित समीक्षा, विद्यालयों से सतत संपर्क तथा आवश्यक मार्गदर्शन महत्वपूर्ण होगा।
संकुल समन्वयकों की नियुक्ति से विभागीय योजनाओं की निगरानी मजबूत होने, विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का बेहतर समन्वय स्थापित होने और लंबित कार्यों को गति मिलने की संभावना है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई जिम्मेदारियों के साथ संकुल स्तर पर किस प्रकार कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाता है।




