खुरहा-चपका रोग से बचाव के लिए शुरू हुआ 6वाँ चरण टीकाकरण अभियान

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नीरज साहू

कोरिया जिले में 15 सितम्बर से चल रहा सघन अभियान

कोरिया। पशुधन विकास विभाग रायपुर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के तहत जिले में गौ एवं भैंसवंशीय पशुओं को खुरहा-चपका (फुट एंड माउथ डिजीज) रोग से बचाव हेतु सघन टीकाकरण अभियान का छठा चरण 15 सितम्बर 2025 से प्रारंभ किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए विभागीय टीकाकरण दल को आवश्यक सामग्री एवं टीकाद्रव्य उपलब्ध कराकर रवाना किया गया है।

किन पशुओं में नहीं होगा टीकाकरण

खुरहा-चपका एक संक्रामक विषाणुजनित रोग है। इस रोग से बचाव हेतु टीकाकरण आवश्यक है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में टीका नहीं लगाया जाना चाहिए, जैसे.4 माह से कम उम्र के बछड़े-बछियाँ, कुपोषित एवं त्वचा रोग से ग्रसित पशु, पहले से बीमार पशु, गर्भावस्था के अंतिम 2 माह वाले पशु।

पशुपालकों से की गई अपील

उपसंचालक, पशुधन विकास विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे टीकाकरण दल को पूरा सहयोग प्रदान करें और अपने समस्त गौ एवं भैंसवंशीय पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएँ। उन्होंने कहा कि खुरहा-चपका रोग का उपचार करने से अधिक जरूरी है इससे बचाव।टीकाकरण ही पशुओं की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।

neeraj kumar sahu
Author: neeraj kumar sahu

जिला प्रतिनिधि कोरिया