ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा: अंबिकापुर में जामुन प्रसंस्करण पर महिलाओं का प्रशिक्षण संपन्न

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

भरत लाल गुप्ता 

उदयपुर।सरगुजा जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जामुन एवं महुआ डोरी तेल प्रसंस्करण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति, उदयपुर के नेतृत्व में आर्या परियोजना के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न गांवों से आई 25 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर के डायरेक्टर डॉ. संदीप शर्मा के आतिथ्य में हुआ। प्रशिक्षण सत्र में कृषि महाविद्यालय अंबिकापुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र राठौर ने जामुन जैसे वन आधारित फलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जामुन से जैम, जैली, पाउडर सहित कई उत्पाद तैयार कर महिलाएं घरेलू उपयोग के साथ-साथ इसे व्यवसायिक रूप देकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं।

डॉ. संदीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने प्रतिभागियों को केंद्र से जुड़े रहने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को समूह स्तर पर महुआ डोरी तेल प्रसंस्करण हेतु विद्युत चालित मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। इस मशीन के माध्यम से “मधुका हर्बल सॉफ्ट क्रीम” का बड़े स्तर पर उत्पादन कर राज्य स्तरीय बाजार तक पहुंचाने की योजना है। इस उत्पाद को और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में डॉ. सूर्य प्रताप गुप्ता, डॉ. पाण्डू राम पैकरा एवं डॉ. ज्ञानेंद्र कठाले की भी उपस्थिति रही। डॉ. कठाले ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन, कुक्कुट पालन, बटेर पालन, बकरी पालन, मछली पालन तथा जैविक खेती जैसी आधुनिक कृषि गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्हें तकनीक आधारित खेती अपनाने की सलाह दी।

इस अवसर पर ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष तपेसिया सिरदार, सचिव कन्हाई राम बंजारा, कोषाध्यक्ष भरत लाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी उपस्थित रहीं।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और वन आधारित संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर