

भरत लाल गुप्ता
उदयपुर में नवनिर्वाचित छात्र परिषद का भव्य अलंकरण समारोह संपन्न, पदाधिकारियों को बैच एवं केसरिया पट्टिका से किया गया सम्मानित
उदयपुर। क्षेत्र की अग्रणी शैक्षणिक संस्था स्काईरिच एजुकेशन सेंटर, उदयपुर में नवनिर्वाचित छात्र संसद का भव्य एवं गरिमामय अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। समारोह में नव निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों ने अनुशासन, नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ विद्यालय, समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ओम प्रकाश गुप्ता, प्राचार्य शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झिरमिटी, समारोह अध्यक्ष जयपाल एक्का, प्राचार्य शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उदयपुर तथा विशिष्ट अतिथियों देवनंदन सिंह, प्रबंधक श्यामाचरण गुप्ता, परमेश्वर प्रजापति एवं उदयराज राजवाड़े द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का तिलक, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया।

शपथ के साथ शुरू हुई नेतृत्व की नई जिम्मेदारी
संस्था के प्राचार्य राम प्रसाद गुप्ता ने अतिथियों का परिचय कराते हुए कहा कि शपथ ग्रहण केवल पद ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व की नई यात्रा का आरंभ है। नेतृत्व किसी पद का नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का परिचायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई छात्र परिषद अपने अनुशासित आचरण एवं सकारात्मक कार्यों से विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को और समृद्ध करेगी।
समारोह में मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष सहित विशिष्ट अतिथियों ने नवनिर्वाचित बाल संसद के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर छात्र पदाधिकारियों को बैच एवं केसरिया पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने पूर्ण निष्ठा, सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यालय, समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।

सेवा और अनुशासन ही सच्चे नेतृत्व की पहचान
समारोह के अध्यक्ष जयपाल एक्का ने कहा कि किसी पद का वास्तविक अर्थ सेवा, अनुशासन, सहयोग और आदर्श आचरण है। दायित्व ग्रहण करने के साथ अपने दायित्व का बोध होना और उसके अनुरूप कार्य करना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है। छात्र परिषद के सदस्यों को ऐसा आचरण करना चाहिए, जिससे विद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी उनसे प्रेरणा ले सकें।
विद्यालय के प्रबंधक श्यामाचरण गुप्ता ने छात्र पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में कुशल नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। प्रत्येक छात्र को विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से छोटे-छोटे कार्यों में योगदान देना चाहिए। यही योगदान आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशिष्ट अतिथि परमेश्वर प्रजापति ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो सेवा, संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व और अनुशासन के माध्यम से दूसरों को सही दिशा दिखाए। उन्होंने छात्र परिषद के सदस्यों से अपने चरित्र, आचरण, व्यवहार एवं विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि में उत्कृष्ट सहभागिता के माध्यम से आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की रही विशेष उपस्थिति
समारोह में छात्र परिषद के अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं गायत्री परिवार के प्रमुखजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंत में विद्यालय परिवार एवं उपस्थित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच कल्याण मंत्र के साथ शपथ ग्रहण एवं अलंकरण समारोह का समापन हुआ।







