किताबों की जगह हाथों में आए रंग और फूल, नो बैग डे पर रुनियाडीह में सजी ‘प्रकृति पाठशाला’

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अनिल साहू

नो बैग डे बना प्रकृति पाठशाला, रुनियाडीह के नौनिहालों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

निबंध, चित्रकारी और फूलों से सजी रंगोली ने मोहा मन; प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया हुनर, अंत में नीम का पौधा रोपकर लिया संरक्षण का संकल्प

सूरजपुर/ बिश्रामपुर। शनिवार का दिन रुनियाडीह के बच्चों के लिए सिर्फ किताबों से दूर रहने का दिन नहीं, बल्कि प्रकृति को समझने, उसके संरक्षण का संकल्प लेने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का खास अवसर बन गया। क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर गतिविधि आधारित शिक्षण के तहत पर्यावरण संरक्षण केंद्रित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

विद्यालय परिसर में आयोजित निबंध, चित्रकारी एवं रंगोली प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सोच और रचनात्मकता को कागज एवं रंगों के माध्यम से उकेरा। खास बात यह रही कि रंगोली प्रतियोगिता में बच्चों ने फूलों से मनमोहक और आकर्षक रंगोली तैयार कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

प्रतियोगिताओं में इन बच्चों ने मारी बाजी

संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आधारित निबंध प्रतियोगिता में पायल राजवाड़े ने प्रथम, शिवम विश्वकर्मा ने द्वितीय और वर्षा राजवाड़े ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वहीं फूलों पर आधारित रंगोली प्रतियोगिता में नगीना यादव एवं सरस्वती राजवाड़े प्रथम, शांति सिंह एवं निशा द्वितीय तथा विनीता राजवाड़े एवं प्रतिमा विश्वकर्मा तृतीय स्थान पर रहे।

चित्रकारी प्रतियोगिता में शांति सिंह ने प्रथम, धनेश्वर सारथी ने द्वितीय और रिया राजवाड़े ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

 पुरस्कार पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे

मुख्य अतिथि श्रीमती कौशिल्या राजवाड़े, अध्यक्ष एसएमसी, द्वारा विजेता छात्र-छात्राओं को कॉपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के रूप में पेन देकर हेमलता सिंह, विवेक विश्वकर्मा, संगीता यादव, रीतु राजवाड़े, कविता, रिया देवांगन, वंदना राजवाड़े, प्रतिमा विश्वकर्मा, मनीता, रविंद्र सिंह, पूरब सारथी, आराधना राजवाड़े, रिया विश्वकर्मा, अमन राजवाड़े एवं जानवी का उत्साहवर्धन किया गया।

 ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रोपा नीम का पौधा

कार्यक्रम का समापन महज पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा। बच्चों और विद्यालय परिवार ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नीम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

संस्था की पौधारोपण एवं ड्रॉपआउट प्रभारी शिक्षिका श्रीमती एम. टोप्पो, शिक्षक रिजवान अंसारी, वर्षा राजवाड़े अध्यक्ष ईको एवं यूथ क्लब सहित सदस्य दीपक राजवाड़े, खुशी, रिया, निशा राजवाड़े, सुनीता सिंह, कैलाश, संध्या, घरभरन राजवाड़े एवं कुश देवांगन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग किया।

रुनियाडीह के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा सिर्फ किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है—जब बच्चे प्रकृति से जुड़कर सीखते हैं, तो वही सीख भविष्य के पर्यावरण प्रहरी तैयार करती है।

anil sahu
Author: anil sahu

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