

अनिल साहू
रेणुका नदी छठ घाट से जल लेकर देवघर में करेंगे जलाभिषेक, जगह-जगह कांवड़ियों की सेवा में जुटे श्रद्धालु
सूरजपुर। सावन के पावन महीने में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का रंग पूरे सूरजपुर जिले में देखने को मिल रहा है। “बोल बम… हर हर महादेव” के जयघोष के साथ हजारों शिवभक्त कांवड़ लेकर लगभग 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। श्रद्धालु रेणुका नदी के छठ घाट से पवित्र जल लेकर देवघर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी आस्था अर्पित करेंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान पूरा मार्ग शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है। हाथों में कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और कदमों में आस्था लिए शिवभक्त लगातार अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हैं।

सेवा में जुटा सूरजपुर, जगह-जगह भंडारा और जलपान की व्यवस्था
कांवड़ियों की सेवा के लिए रास्ते में जगह-जगह पंडाल, पेयजल, शरबत, फल, नाश्ता, भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई है। स्थानीय श्रद्धालु और सामाजिक संगठन कांवड़ियों की सेवा में पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं। कहीं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है तो कहीं ठंडे पानी और शरबत से कांवड़ियों का स्वागत किया जा रहा है।
सेवा में जुटे लोगों का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा करना स्वयं भगवान भोलेनाथ की सेवा के समान है। यही वजह है कि कांवड़ यात्रा के मार्ग में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं।

आस्था के सैलाब में बदल गई सड़कें
सुबह से ही कांवड़ियों के जत्थे सड़कों पर नजर आ रहे हैं। भगवा रंग के वस्त्र, कंधों पर सजी कांवड़ और गूंजते “बोल बम” के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। कई स्थानों पर डीजे और भक्ति गीतों के साथ कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
करीब 35 किलोमीटर की इस यात्रा में श्रद्धालु कठिन रास्तों और लंबी दूरी की परवाह किए बिना भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। देवघर पहुंचकर पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद ही कांवड़ियों की यह धार्मिक यात्रा पूर्ण होगी।






