सूरजपुर जनपद मे लाखों रूपये के जलपान की फर्जीवाड़ा की खुली पोल

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अंबिकापुर ब्यूरो

भ्रष्टाचार का नया कारनामा 7.83 लाख का जलपान घोटाला!

क्या जनपद पंचायत सूरजपुर का खजाना सीईओ साहब की निजी जागीर है,

कांग्रेस नेता अविनाश साहू द्वारा निकाली गई 315 पन्नों की आरटीआई ने खोले प्रशासनिक घोटाले के चौंकाने वाले राज— बिना टेंडर, बिना जीएसटी बिल और बिना स्टॉक एंट्री के, आखिर किसके इशारे पर सीईओ ने पास किए फर्जी भुगतान

 

सूरजपुर, 07अक्टूबर 2026

एक तरफ आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटक रही है वहीं दूसरी तरफ जनपद पंचायत सूरजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपनी कलम की ताकत का दुरुपयोग कर सरकारी खजाने से शाही दावतों के बिल पास कराने में व्यस्त हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच चाय, नाश्ता और भोजन के नाम पर 7,83,382/- की भारी-भरकम राशि डकार ली गई है।

जिला कांग्रेस कमेटी के जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू द्वारा कड़ी मेहनत से जुटाई गई 315 पन्नों की प्रमाणित आरटीआई दस्तावेजों इस बड़े घोटाले के तमाम काले कारनामों को उजागर कर दिया इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जिला कलेक्टर एवं दंडाधिकारी सूरजपुर के माध्यम से प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को लिखित शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

कांग्रेस नेता अविनाश साहू के खुलासे—जनपद सीईओ पर सीधे और गंभीर सवाल

बिना टेंडर और बिना क्रय समिति के किसके हस्ताक्षर से पास हुए लाखों के बिल 

साहू द्वारा निकाली गई आरटीआई के जवाब (पत्र क्रमांक 1436 के बिंदु क्रमांक 06) में स्वयं स्वीकार किया गया की इस पूरी खरीदी में किसी भी प्रकार की निविदा या कोटेशन प्रक्रिया का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

शासन के स्पष्ट नियम हैं कि ₹50,000 से अधिक की खरीदी पर क्रय समिति का पालन होना अनिवार्य है। ऐसे में बिना किसी टेंडर और बिना क्रय समिति के प्रस्ताव, जनपद सीईओ ने किस नियम के तहत इन बिलों पर हस्ताक्षर कर भुगतान जारी किया क्या यह सीधे तौर पर पदीय दायित्वों का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता नहीं है।

 बिना जीएसटी बिल के सरकारी खजाने से पैसे कैसे निकाले गए। 

कांग्रेस नेता अविनाश साहू ने कड़ा सवाल उठाया है कि क्या जनपद सीईओ ने भुगतान करने से पहले यह जांचने की जहमत उठाई कि वेंडर्स द्वारा प्रस्तुत बिल वैध टैक्स इनवॉइस थे या नहीं बिना जीएसटी नंबर या फर्जी बिलों के आधार पर जनता के टैक्स का पैसा चहेतों की जेब में डाला गया इसकी सीधी जवाबदेही सीईओ की बनती है • बैठकों में लोग कम, प्लेटें और कप ज्यादा—फर्जी बैठकों के नाम पर लूट

 

वर्ष 2025-26 में मात्र 11 बैठकों में कुल 255 लोगों की उपस्थिति दर्ज है, लेकिन भुगतान 489 नाश्ता पैकेट, 779 भोजन पैकेट और 1125 चाय/कॉफी कप का कर दिया गया!

वर्ष 2024-25 में 106 लोगों की उपस्थिति वाली 4 बैठकों के एवज में 435 नाश्ता पैकेट का भुगतान!

वर्ष 2023-24 में 169 लोगों की 7 बैठकों के एवज में 400 नाश्ता पैकेट का भुगतान।

साहू ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए पूछा कि जब उपस्थिति पंजी में सदस्यों की संख्या सीमित है, तो जनपद सीईओ ने अपनी देखरेख में इन अतिरिक्त और फर्जी पैकेटों के बिलों का भुगतान क्यों और किस आधार पर पास किया क्या ये बिल कागजों पर हवा में बैठकर पास किए गए।

सामग्री की कोई स्टॉक एंट्री ही नहीं कहां गया सारा सामान। 

आरटीआई के जवाब पत्र क्र 1436 में बिंदु क्रमांक 07 के मुताबिक, खरीदी गई सामग्रियों की स्टॉक एंट्री का कोई रिकॉर्ड नहीं है जब स्टोर में माल आया ही नहीं तो सीईओ साहब ने किस भौतिक सत्यापन के आधार पर वेंडर को पूरा भुगतान थमा दिया। 

सरकारी खजाना किसी अधिकारी की निजी जागीर नहीं है— अविनाश साहू

मामले पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता अविनाश साहू ने स्पष्ट कर दिया कि इस वित्तीय घोटाले के मुख्य सूत्रधार जनपद सीईओ हैं उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा जब फाइल पर हस्ताक्षर सीईओ के हैं भुगतान उनके आदेश से हुआ तो जवाब भी उन्हीं को देना होगा। दस्तावेज सरकार के हैं उपस्थिति पंजी गवाही दे रही और आरटीआई के आंकड़े चीख-चीखकर भ्रष्टाचार की दास्तान कह रहे हैं जनता के पैसे का एक-एक पाई का हिसाब जनपद प्रशासन और सीईओ को देना ही होगा।

 अल्टीमेटम प्रशासन को इस मामले में 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया गया है। कि यदि तय समयसीमा में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और उच्च स्तरीय जांच टीम गठित नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का जोरदार घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस परमेश्वर रजवाड़े, राजू राजवाड़े युवा कांग्रेस, आशीष सिंह सहित प्रमुख कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

Aashiq khan
Author: Aashiq khan