

सूरजपुर के चर्चित प्रधान आरक्षक परिवार दोहरे हत्याकांड में फैसला: 3 को फांसी, 1 को उम्रकैद
सूरजपुर। जिले को दहला देने वाले प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और नाबालिग बेटी के दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अंतिम फैसला सुना दिया है।
अदालत द्वारा दी गई सजा
कुलदीप साह मृत्युदंड (फांसी)
फूल सिंह उर्फ रिंकू मृत्युदंड (फांसी)
चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके मृत्युदंड (फांसी)
आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी आजीवन कारावास
घटना – 13 अक्टूबर 2024 की रात
13 अक्टूबर 2024 की रात हेड कांस्टेबल तालिब शेख के घर में घुसकर उनकी पत्नी और नाबालिग बेटी की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य कांड के बाद पूरे सूरजपुर जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी और भारी जन आक्रोश देखा गया था।
मामले की जांच विमलेश दुबे के नेतृत्व में की गई थी और कुल 6 आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था। विचारण के दौरान साक्ष्य अभाव में सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को पूर्व में दोषमुक्त कर दिया गया था।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सजा सुनाते समय अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने आरोपियों के संवेदनहीन आचरण और पेशी के दौरान मुस्कुराते हुए वीडियो पर सख्त ऐतराज जताया और कहा कि ऐसे आचरण से समाज में गलत संदेश जाता है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अदालत ने इस अपराध को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम ‘ (Rarest of Rare) श्रेणी का मानते हुए तीन प्रमुख दोषियों को फांसी की सजा दी।





