

अनिल साहु
दशहरा अवकाश में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बनाने पालकों को किया गया प्रेरित
सूरजपुर/ बिश्रामपुर। क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय, पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में पालक-बालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की मंशानुरूप तथा जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह एवं खंड स्रोत समन्वयक मनोज कुमार मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति और घर पर पढ़ाई की आदत विकसित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक का नेतृत्व संस्था की एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती कौशिल्या राजवाड़े ने किया।
परीक्षा परिणाम की जानकारी देकर पालकों को किया जागरूक
संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी ने उपस्थित पालकों को त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को घर पर नियमित रूप से पढ़ने के लिए प्रेरित करने, गृहकार्य पूरा करवाने तथा शाम के समय विद्यालय में पढ़ाए गए पाठों का दोहराव कराने पर जोर दिया। साथ ही आगामी दशहरा अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गृहकार्य को समय पर पूरा कराने के लिए पालकों से सहयोग की अपील की गई, ताकि छुट्टियों में भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रहे।

ड्रॉपआउट छात्राओं को विद्यालय से जोड़ने पर जोर
बैठक में विद्यालय की तीन ड्रॉपआउट छात्राओं नैनसी यादव, नगीना यादव एवं संगीता यादव की अनुपस्थिति पर चर्चा की गई। छात्राओं को पुनः विद्यालय से जोड़ने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया गया। इस कार्य में पालकों के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों की सहभागिता लेने की बात भी कही गई, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के प्रति किया प्रेरित
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पालकों को अपने घरों के आसपास उपलब्ध खाली स्थानों पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों के दस्तावेज बनवाने की अपील
बैठक में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाकर उनकी खाता संख्या विद्यालय में जमा कराने तथा जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में भी पालकों को जानकारी दी गई। विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पालक, संस्था के शिक्षक, मध्याह्न भोजन सहायिका तथा बाल कैबिनेट के सभी मंत्री उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और विद्यालय के विकास में पालकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना रहा।





