महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और उद्यमिता विकास

कभी घरेलू कामकाज में व्यस्त रहने वाली महिलाएं अब उद्यमी बनकर ग्रामीण औद्योगिक पार्क में बड़ी-बड़ी मशीनों से ले रहीं काम, स्टेशनरी, बेकरी, फ्लाई ऐश ईंट निर्माण जैसे उद्यम संचालित

अम्बिकापुर  ब्यूरो 

 महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क आज गांवों में स्थानीय रोजगार और उद्यमिता विकास का एक महत्वपूर्ण जरिया बन गया है

। इनसे जुड़कर महिलाएं, युवा, किसान और मजदूरों समेत हर वर्ग के लोग आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करते हुए उन्हें नवाचार, स्व-रोजगार और उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित कर रही है।

इसी कड़ी में सरगुजा जिले में 14 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क संचालित हैं जहां 200 से भी ज्यादा महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

जिले में दरिमा स्थित रीपा अंतर्गत महिलाओं का समूह बड़ी मेहनत और लगन से स्टेशनरी उत्पादों का निर्माण कर रहा है।

यहां महिलाएं रजिस्टर बनाने का काम कर रही हैं। वर्तमान में समूह को 3000 नोटशीट पैड और 2000 फाइल बनाने का आर्डर प्राप्त हुआ है जिसे समूह की महिलाएं पूर्ण कर रही हैं।

इस काम में मशीन के माध्यम से पेपर कटिंग कर रही हैं। कभी घरेलू कामकाज में ही व्यस्त रहने ये ग्रामीण महिलाएं अब आसानी से बड़ी-बड़ी मशीनों का संचालन कर रही हैं।

इसी तरह जिले में विकासखंड बतौली अंतर्गत ग्राम मंगारी स्थित रीपा में महिलाएं बेकरी उत्पाद बना कर विक्रय लार रही हैं।

ये महिला उद्यमी प्रतिदिन ब्रेड, टोस्ट एवं क्रीम रोल जैसे बेकरी उत्पाद तैयार करती हैं और प्रतिदिन 3000 से 4000 की बिक्री कर रही हैं

 इन उत्पादों को बेचने हेतु 5 रिटेलर नियत किये गए हैं जो सुबह-सुबह आसपास के गांवों में जा कर उत्पाद बेच रहे हैं। जिले में संचालित रीपा में विभिन्न तरह के उद्यम संचालित हैं,

जो स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं। इनमें फ़ूड प्रोसेसिंग, दोना पत्तल निर्माण, चैनलिंक फेंसिंग, फ्लाई ऐश ईंट का निर्माण, गोबर पेंट इकाई, गलीचा निर्माण जैसी आर्थिक गतिविधियां शामिल हैं।,

Aashiq khan
Author: Aashiq khan

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