मौशम की बेरुखी से बड़ा सूखे का खतरा नहीं हुई बारिश किसान चिंतित

CG  आजतक  न्यूज़

ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा 

 

मौसम की बेरुखी से बढ़ा सूखे का खतरा, नहीं हुई बारिश तो बर्बाद हो जाएंगे किसान ।

अगस्त का दूसरा सप्ताह चल रहा है और खेतों में धान रोपाई भी आधे से कम हुई है, किसान अभी तक अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि वह अपने खेतों में धान की रोपाई कर सके. जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है मुंबई, गुजरात और राजस्थान में बाढ़ से किसानों के हजारों एकड़ की फसलें बर्बाद हो गई है वही इन सब के विपरीत छत्तीसगढ़ के दक्षिण एवं पूर्वी हिस्से में बारिश नहीं होने के चलते धान की खेती प्रभावित हो रही है।

बरसात ना होने की वजह से धान की खेती पिछड़ रही है धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के तमाम जिलों में अल्प दृष्टि से किसान परेशान हो रहे है ।

 

अच्छी बारिश न होने से नहीं हो पाई रोपाई।

 

जिन-जिन किसानों के खेत नदी किनारे हैं या सिंचाई की व्यवस्था नहर, बांध या बोर है वे किसान कड़ी मशक्कत करने के बाद धान की रोपाई कर पा रहे हैं बाकी अधिकांश खेत जहां पानी के सिंचाई की व्यवस्था नहीं है वे सूखे पड़े हुए हैं।कुसमी विकाश खंड के प्रेम नगर ,हंसपुर, पाकरडीह,कोरंधा इत्यादि क्षेत्रों की बात करें तो मात्र 44 से 48% ही धान की रोपाई हो पाई है ,लिहाजा इन सब से अंदेशा लगाया जा सकता है की कम वर्षा से किसने की स्थिति खराब होने वाली है।

 

क्या कहते हैं किसान?

 

कुसमी विकासखंड के नीलकंठ पुर ग्राम निवासी प्रेम कुमार ने बताया की बारिश एकदम नहीं हो रही है, बच्चों को पढ़ाना है कैसे पढ़ेंगे लिखेंगे हम लोग पूरी तरह से धान की खेती पर निर्भर हैं।खेती अच्छी होती है तो सही से हो जाता है अपने बच्चे को पढ़ा-लिखा लेते हैं ।वही गांव के ही दीपक कुमार बताते हैं कि बारिश नहीं हुई बुरा प्रभाव पड़ेगा हो जाएगी। फिलहाल अभी तक अच्छी बारिश ना होने से धान के फसल मर रहे हैं, हम अपने इस खबर के माध्यम से हमारे किसान भाइयों से यह अपील करना चाहते हैं कि जिस तरह से छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई है इसे देखते हुए किसानों को अवश्य ही बीमा करा लेना चाहिए जिससे कि उन्हें कुछ आर्थिक मदद मिल सके।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan

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