
जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, 100 प्रतिशत सहभागिता के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि
SIR अभियान में पारदर्शिता और सहभागिता की मिसाल, जिले में 2 लाख 87 हजार से अधिक मतदाता सूची अंतिम चरण की ओर
2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया और जिलेभर में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से अभियान चलाया गया। मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपलब्ध बताए गए मतदाताओं की सूचियां राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए के साथ सत्यापन के लिए साझा की गईं। बूथ लेवल अधिकारी और वॉलंटियर्स द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और कमजोर वर्गों की विशेष सहायता की गई तथा जिला, अनुविभागीय और तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क एवं आईटी डेस्क स्थापित किए गए।
गणना के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और अतिरिक्त एईआरओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से समाधान किया गया। प्रारूप मतदाता सूची की मुद्रित एवं डिजिटल प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गईं और सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नाम हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिना नोटिस और स्पीकिंग ऑर्डर के कोई भी नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा तथा पीड़ित मतदाता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के अंतर्गत अपील कर सकता है। भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अयोग्य नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।





