कन्याओं के कर-कमलों से खुला आस्था का द्वार

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अनिल साहू

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जमड़ी के भवानी मंदिर में हुआ लोकार्पण, भक्ति और एकजुटता की बनेगी मिसाल

सूरजपुर। श्रद्धा, समर्पण और सनातन परंपरा की दिव्य छटा के बीच जमड़ी (भैयाथान) स्थित भवानी मंदिर में अब आस्था का एक नया अध्याय जुड़ गया। माता रानी की कृपा और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से निर्मित मंदिर का भव्य मुख्य द्वार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवती स्वरूपा कन्याओं के कर-कमलों से लोकार्पित हुआ। जैसे ही कन्याओं ने विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत द्वार का उद्घाटन किया, पूरा परिसर जय माता दी के जय घोष से गूंज उठा। यह लोकार्पण केवल एक स्थापत्य निर्माण का उद्घाटन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। श्री नवयुवक दुर्गा मंडल, सूरजपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में माता-भक्त, ग्रामीणजन और नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे।

लोकार्पण के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद स्वरूप सामूहिक भंडारे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें भक्ति के साथ सामाजिक सौहार्द भी देखने को मिला। श्री नवयुवक दुर्गा मंडल के प्रमुख मदनलाल अग्रवाल ने कहा कि यह मुख्य द्वार केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि माता भवानी के प्रति अटूट आस्था, युवाओं की सक्रिय सहभागिता और समाज की एकजुट भावना का प्रतीक है। उन्होंने इसे भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। आयोजन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए मंडल के सभी सदस्य निर्धारित गणवेश में समय से पूर्व उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कुल मिलाकर, वैदिक मंत्रों की गूंज और कन्याओं के कर-कमलों से खुले इस द्वार ने न केवल मंदिर परिसर को, बल्कि उपस्थित हर श्रद्धालु के मन को भी आस्था और विश्वास से आलोकित कर दिया। इस आयोजन में धर्मवीर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, नरेश बंसल, रमेश अग्रवाल का विशेष योगदान रहा।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर