

अनिल साहू
*भ्रमण से छात्रों के ज्ञान और दृष्टिकोण का हुवा विस्तार*
सूरजपुर/ प्रेमनगर। पीएम श्री योजना के अंतर्गत पी.एम. श्री सेजेस प्रेमनगर के विद्यार्थियों को जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर उनके ज्ञान एवं दृष्टिकोण का विस्तार करना था। यह कार्यक्रम कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन व जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के आदेशानुसार, सहायक संचालक रविन्द्र सिंह देव, जिला मिशन समन्वयक मनोज साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रताप सिंह पैंकरा एवं बी.आर.सी. राजेश कुजूर के मार्गदर्शन में तथा विद्यालय के प्राचार्य आर. बी. सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
भ्रमण का शुभारंभ नयन सिरदार (जिला पंचायत सदस्य),सुखमनिया जगते (अध्यक्ष, नगर पंचायत प्रेमनगर), फुलेश्वर सिरदार(अध्यक्ष, जनपद पंचायत प्रेमनगर), आलोक साहू (उपाध्यक्ष, नगर पंचायत प्रेमनगर), सत्यम विश्वकर्मा (एस.एम.डी.सी. अध्यक्ष, पीएम श्री सेजेस प्रेमनगर), डी.एम.सी. मनोज साहू, व्याख्याता गोपाल सिंह, हरिकृष्ण उपाध्याय (रामानुजनगर), जिला महामंत्री भाजपा विजय सिरदार एवं प्राचार्य आर. बी. सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया गया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोगों तथा नई तकनीकों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और प्रयोगों को नज़दीक से समझा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने झुमका बांध का अवलोकन कर जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझा। कृषि विज्ञान केंद्र, कोरिया में आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन एवं जैविक खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। इंदिरा पार्क एवं शिव पार्क में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व को समझा। कोरिया पैलेस का भ्रमण कर क्षेत्र के ऐतिहासिक गौरव एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त की।
विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में सम्पन्न इस शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों में उत्साह, जिज्ञासा एवं नई सीख प्राप्त करने की प्रेरणा जागृत हुई। विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।
विद्यालय के प्राचार्य आर. बी. सिंह ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास होता है तथा उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें सीखने के लिए प्रेरित किया।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर


