वन विभाग मे लेंगटांना पुटुस सफाई के नाम करोड़ो का गड़बड़ झाला —जिला पंचायत द्वारा जाँच दल गठित बाद जाँच अधूरा

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CG आजतक न्यूज़

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ब्यूरो अंबिकापुर

 

वन विभाग में लैंगटाना (पुटुस) सफाई के नाम पर खानापूर्ति,–

कैम्पा मद के करोड़ों का गोलमाल,जिला पंचायत द्वारा जाँच दल गठित बाद आज भी जाँच अधूरा

 

सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के विभिन्न वन खंडो मे अत्यधिक मात्रा मे पुटुस होने का हवाला देते हुए इसके साफ सफाई की स्वीकृति वन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा कैम्पा मद से लगभग दो करोड़ से ज्यादा राशि की स्वीकृति वर्ष 2022-23 .मे किया गया था, किन्तु रामानुजनगर व प्प्रेमनगर के कुछ ही वन कंपार्टमेण्ट मे लेंगटना अथवा झुरंठी या पुटुस के नाममात्र की सफाई किया गया है,

मिडिया टीम ने यह पाया की कहीं कहीं पर नाममात्र का पचास मीटर सौ मीटर की परिधि को ही साफ किया गया है जबकि यह पुटुस पुरे वन क्षेत्र के समूचे जंगलो मे फैला हुआ है,

शासन ने इनके सफाई हेतु स्वीकृति इस लिए किया था की पुटुस की सफाई के बाद जंगलो मे रोपित पौधे एवम् वनोपज अच्छे होंगे इनका ग्रोथ अच्छा होगा यह पुटुस झाडी पौधों को बढ़ने मे या इनके विकास मे बाधा उतपन्न करता है,

लेकिन यहा पर पदस्थ वन परिक्षेत्र के अधिकारी उच्चाधिकारियों से साँठगाँठ कर मनमानी तरीके से पुटुस झाडी की नाममात्र सफ़ाई कार्य कर समूचे दो करोड़ की राशि का बंदर बाट कर लिया गया है 

जबकि समूचे जंगल मे इस प्रजाति की झाडी लगातार जंगलो को अपने आगोश मे चादर की तरह ढकते जा रहा है, जिससे जंगलो की ईमारती लकड़ीयों एवम् वनोपज को बढ़ने मे मददतगार साबित नहीं होने देता है, शासन एक तरफ अच्छी सोंच और योजना चलाकर जंगलो के विकास कार्यों पर करोड़ो रूपये की स्वीकृति तो देता है लेकिन धरातल पर अधिकारी मनमानी तरीके से बंदरबाँट कर मामले पर खुले आम चुना लगा रहे है,

इस लेंगटना अथवा झुरंठी या पुटुस सफाई की वास्तविक मूल्यांकन होती है या नहीं किन्तु किस तरीके से इस पुटुस झाडी सफाई की राशि का राशि आहरण कर बंदरबाँट कर लिया गया है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पॉयेगा, वहीं जनप्रतिनिधियों सहित जागरूक लोगों की संज्ञान मे यह बात आने के बाद यहां चर्चा का बिषय बना हुआ है अब देखना दिलचस्प होगा की पुटुस झाडी सफाई के मामले मे उच्च स्तरीय जांच होगा या नहीं, या मामले को इतिश्री कर जिम्मेदार अधिकारी को अभयदान दे दिया गया है l

Aashiq khan
Author: Aashiq khan