सूरजपुर कांग्रेस पार्टी के दो दर्जन कार्यकर्ता दे चुके— त्याग पत्र इस्तीफा

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इस्तीफा त्याग पत्र का सिलसिला जारी, कांग्रेस दो गुटों मे हुआ तब्दील,

 

विदित हो कि कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शशि सिंह के बनने के लगभग तीन महीने के अंदर ही, सूरजपुर जिले मे कांग्रेस अब दो गुटों मे दिखाई दे रही है,,त्याग पत्र इस्तीफा का सिलसिला लगातार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है, अब तक जिले के 

विभिन्न प्रकार के पदों पर नव नियुक्त कार्यकर्ताओ द्वारा एक के बाद एक इस्तीफा सौप कर पार्टी से मुक्त करने का हवाला दे रहे, है,

अधिकास कार्यकर्ताओ पदाधिकारीयों ने नीजी कार्यों, और स्वास्थ्य कारणों का जिक्र किया है किन्तु एक साथ सभी कैसे बीमार हो सकते हैँ यह एक विचारणीय प्रशन बनकर रह गया है,,, गौरतलब है की अबतक दो दर्जन महिला पुरुष पदाधिकारीयों ने एक एक करके इस्तीफा त्याग पत्र दे रहे है, ऐसे मे कांग्रेस पार्टी के लिए यह समय अच्छा नहीं चल रहा है,

ज्ञात हो कि पूर्व सांसद खेलसाय सिंह कि बहु श्रीमती उषा सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, शिवनारायन गुप्ता, श्रीमती सरोज मानिक पूरी, राजेंद्र गुर्जर एवं गोरख नाथ पाठक विमला सिंह बालेश्वर नेताम तथा तुलसी यादव ने भी इस्तीफा पत्र जिलाध्यक्ष शशि सिंह, तथा प्रदेश व केंद्र के शीर्ष नेताओं को अपनी इस्तीफा पत्र प्रेसित किया गया है,

इस तरह के सामूहिक इस्तीफा से कांग्रेस कमेटी सूरजपुर सहित अन्य जिलों मे यह बात आग कि तरह फ़ैल गई है,

लोगो द्वारा इस बात कि चर्चा होटलों चौक चौराहों और गुमटीयों मे बैठकर ठहाके लगा रहे हैँ कि आखिर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी कियू इस्तीफा दे रहे है,

जितना मुँह उतना ही बातें सामने आ रही है, बाहरहाल कियू और कैसे किस कारण यह नौबत आई है यह तो सब जांच का बिषय है कि भीतर खाने मे हो क्या रहा है,, इन सब हरकतों से यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है की कहीं न कहीं कांग्रेस दो खेमो मे बिखरती जा रही है, जिसका परिणाम भविष्य मे देखने को मिल सकता है,

वैसे दो दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी अपने पदों से मुक्ति कि मांग किया है, अब देखना दिलचस्प होगा कि इस्तीफा देने वालों कि इस्तीफा स्वीकार होगा यह नहीं यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सामूहिक इस्तीफा का सिलसिला जारी है,

अब देखना दिल चस्प होगा की यह प्रक्रिया ऐसा ही चलता रहेगा या कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का हस्तक्षेप भी होगा या नहीं, यह तो आने वाला समय तय करेगा,लेकिन जिले के बड़े बड़े कार्यकर्ताओ के त्याग पत्र देने से यह बात चाय की सुसकी और चर्चा बनकर रह चूका है l


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Aashiq khan
Author: Aashiq khan