

भरत लाल गुप्ता
उदयपुर।सर्किट हाउस उदयपुर में गौ सम्मान दिवस एवं राज्य स्तरीय गौ सम्मान महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर गौ सेवा समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक संत सुरभि दास महाराज, रायपुर के नेतृत्व एवं गो-धाम समिति के जिला अध्यक्ष संतोष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में आगामी 17 दिसंबर 2026 को रायपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गौ सम्मान दिवस एवं गौ सम्मान महासम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन में पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 2 लाख गौ सेवकों, गोपालकों एवं पशुपालकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि उदयपुर विकासखंड के प्रत्येक ग्राम से कम से कम 20-20 पशुपालकों को रायपुर ले जाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंपर्क एवं तैयारी की जाएगी। इसके लिए गांव-गांव संपर्क कर पशुपालकों को आयोजन से जोड़ने की रणनीति बनाई गई।

गौ पालन से परिवार से लेकर खेती तक को लाभ
बैठक को संबोधित करते हुए संत सुरभि दास महाराज ने गौ पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देशी गाय का दूध परिवार के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, वहीं गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत एवं प्राकृतिक कृषि उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे खेती में रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि गौ पालन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और रोजगार से भी जुड़ा हुआ है। गांवों में गौ पालन को बढ़ावा देने से किसानों और पशुपालकों को अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है।

गौ पालन में कमी से बढ़ रही बेसहारा पशुओं की समस्या
बैठक में वक्ताओं ने गांवों में गौ पालन में आई कमी और बेसहारा गौवंश की बढ़ती समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बेसहारा पशुओं के विचरण से फसलों को नुकसान होने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। साथ ही पारंपरिक जैविक कृषि पद्धतियों के कमजोर होने से किसानों की रासायनिक कृषि पर निर्भरता बढ़ रही है।
बैठक के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपनी क्षमता के अनुसार गौ पालन को बढ़ावा दें और 17 दिसंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले गौ सम्मान महासम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें।

बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में संत सुरभि दास महाराज, संतोष जायसवाल, चंद्रबसु यादव, भरत लाल गुप्ता, सुखराम यादव, हरकेश चौधरी, नरेंद्र सिंह, धरम सिंह यादव, बबलू जायसवाल, मनबोध सिंह मरकाम, पारसनाथ, दूधनाथ यादव, राजा राम यादव, अजीत लाल राजवाड़े, आशीष कुमार अग्रवाल, मुन्ना सिंह, अर्जुन सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य एवं गौ सेवक उपस्थित रहे।




