

अनिल साहू
विक्रय प्राधिकार पत्र 21 दिनों के लिए निलंबित
– जिला एवं विकासखंड स्तरीय दल ने किया आकस्मिक निरीक्षण
-स्टॉक बोर्ड, मूल्य सूची एवं पंजी संधारण में मिलीं अनियमितताएँ — भौतिक स्कंध एवं पीओएस मशीन के स्टॉक में पाया गया अंतर
सूरजपुर। जिले के किसानों को खरीफ मौसम 2026 में समय पर एवं उचित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए उर्वरक कालाबाजारी के विरुद्ध एक बड़ी कार्यवाही की है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि सूरजपुर के मार्गदर्शन में गठित जिला एवं विकासखंड स्तरीय दल द्वारा उर्वरक कालाबाजारी के विरुद्ध संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाते हुए जिले के 08 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर कड़ी कार्यवाही की गई है।
शासन के निर्देशानुसार गत वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में उर्वरक विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से उर्वरक विक्रय पर रोक लगा दी गई है।
जाँच के दौरान यह पाया गया कि कई विक्रय केन्द्रों पर स्टॉक बोर्ड एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की जा रही थी, साथ ही बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर एवं वितरण पंजी का समुचित संधारण भी नहीं किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त विक्रय केन्द्रों के भौतिक स्कंध (फिजिकल स्टॉक) एवं पीओएस मशीन में दर्ज स्कंध मात्रा में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
कार्यवाही के तहत जिले के 08 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन प्रतिष्ठानों में मेसर्स अनिल कृषि सेवा केन्द्र चंदरपुर, मेसर्स अजय कृषि सेवा केन्द्र चंदरपुर (विकासखंड रामानुजनगर), मेसर्स महानंद राय अग्रवाल सूरजपुर, मेसर्स इराकी जनरल स्टोर जयनगर (विकासखंड सूरजपुर), मेसर्स तायल ट्रेडर्स प्रतापपुर, मेसर्स श्याम ट्रेडर्स प्रतापपुर, मेसर्स किसान सेवा केन्द्र प्रतापपुर एवं मेसर्स श्रीराम कृषि सेवा केन्द्र छिन्दपारा (भैयाथान) शामिल हैं।
उक्त अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए संबंधित संस्थाओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र को 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठानों को 07 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने अथवा असंतोषजनक उत्तर की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
यह कार्यवाही जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षण दल एवं विकासखंड स्तरीय उर्वरक निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की संयुक्त उपस्थिति में संपन्न हुई। निरीक्षण दल ने विक्रय केन्द्रों के समस्त अभिलेखों, स्टॉक पंजी, बिल बुक एवं पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक क्रय करते समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली अथवा कालाबाजारी की जानकारी तत्काल संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों को देवें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही से जहाँ एक ओर किसानों में संतोष की लहर है, वहीं दूसरी ओर उर्वरक विक्रेताओं में नियमों के पालन को लेकर कड़ा संदेश गया है। प्रशासन का यह प्रयास जिले के किसानों को आगामी खरीफ मौसम में समय पर एवं उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Author: anil sahu
जिला प्रतिनिधि सूरजपुर





