कृषि अधिकारियों का तीसरा चरण आंदोलन, 9 सूत्रीय मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन

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अनिल साहू

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (ग्रा.कृ.वि.अ.) और कृषि विकास अधिकारियों (कृ.वि.अ.) ने अपनी 9 सूत्रीय लंबित मांगों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन तेज कर दिया है। 23 सितंबर 2025 को तीसरे चरण में अधिकारियों ने एक दिवसीय अवकाश लेकर जिला मुख्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शासन से कर्मचारी और कृषक हित में मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।

आंदोलन के पहले चरण में 8-9 सितंबर को काली पट्टी लगाकर काम किया गया, जबकि दूसरे चरण में 15 सितंबर को बिना संसाधन भत्ता के ऑनलाइन कार्य बंद कर तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इसके बावजूद मांगें अनसुलझी रहने पर तीसरे चपरण में धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया गया।

**प्रमुख मांगें:**

1. ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का वेतनमान संशोधन (4300 ग्रेड पे)।

2. कार्यक्षेत्र का पुनर्निर्धारण।

3. मासिक स्थायी भत्ता (Fix TA) को बढ़ाकर 2500 रुपये करने की मांग।

4. मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप और स्टेशनरी के लिए संसाधन भत्ता।

5. अतिरिक्त प्रभार पर सम्मानजनक क्षेत्र भत्ता।

6. पदनाम को मध्यप्रदेश की तर्ज पर “कृषि विस्तार अधिकारी” करने की मांग।

7. गैर-विभागीय कार्यों (जैसे फसल गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, धान उपार्जन, नाका जांच आदि) से मुक्ति।

8. आदान सामग्री का भंडारण सहकारी समितियों में और अनुदान का भुगतान DBT प्रणाली से।

9. ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी के पद पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा। शासन से अतिशीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर