कोरिया जिला मुख्यालय आंगनवाड़ी नियुक्ति मे हुई फर्जीवाडा,,अपात्र को मिला नियुक्ति

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CG आजतक न्यूज़ 

ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा 

 

कोरिया जिला मुख्यालय के महिला बाल विकास विभाग मे नियम विरूद्ध आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु नियुक्ति दिए जाने का मामला प्रकाश मे आया है, विदित हो की 

हो की बैकुंठपुर डबरी पारा आँगनबाड़ी मे कार्यकर्ता पद हेतु महिला बाल विकास मे आवेदन आमंत्रित किया था,

किन्तु नियुक्ति मे पूर्ण रूप से पात्र अभिर्यर्थी कों साइड लाईन करते हुए अपात्र कों नियुक्ति दे दिया गया जिससे पात्र अभीर्थी द्वारा आरोप लगाते हुए

  शिकायत कलेक्टर से किया गया की फिजा शेख नामक महिला का तलाक आज तक नहीं हुई है,

उनके द्वारा पार्षद से जारी कराकर दस्तावेज मे संलग्न कर दी थी जिससे ,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दे दिया गया जो अनुचित है

विदित हो की कोरिया जिला के जिला मुख्यालय के महिला बाल विकास विभाग मे आंगनवाड़ी के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया था, जिस पर कोरिया बैकुंठपुर के वार्ड दस की दर्जन भर महिला अभिर्थियों द्वारा फ़्रॉम भरा गया था,

चुकी नियम विरूद्ध नियुक्ति होने की शिकायत लीला विश्वकर्मा ने लगाते हुए नयाय की मांग की है

, उन्होंने कलेक्टर कोरिया, सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों कों लिखित शिकायत करते हुए कही की मेरा विवाह पहले हुआ था और फिर कुछ दिनों बाद मेरा तलाक विधिवत तरीके से न्यालय के समक्ष हुई है जिसका प्रमाण उन्होंने जमा किया था,

वहीं महिला आवेदिका फिजा शेख द्वारा भी अपने आवेदन के साथ तलाक होने का प्रमाण पत्र स्थानीय पार्षद के द्वारा बनवाकर जमा कर दी थी

किन्तु महिला बाल विकास एवं उनके समस्त समिति और सभा पति के सदस्यों द्वारा पात्र महिला लीला विश्कर्मा जो वास्तव मे तलाक सुदा है

,उसे नियुक्ति न देते हुए पार्षद जैसे पदों पर बैठे नेताओं के प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति दिया गया जो नियम विरूद्ध है,

उन्होंने यह साफ आरोप लगाई की फिजा शेख का विवाह हुआ है,

और उनका तलाक नहीं हुआ है,ओर फिजा शेख का मामला न्यालय मे विचार धीन है,

गौरतलब है की जबकि इन दोनों पति पत्नी का मामला कोर्ट मे विचार धीन है अबतक पति सद्दाम हुसैन श्रीनगर द्वारा तलाक नहीं दिया गया है,

यह सत्य प्रमाण है, इस संबंध मे जांच होनी चाहिए, पत्र मे उन्होंने महिला बाल विकास, के अधिकारियों की संलिप्ता होने का आरोप लगा कसर्यवाही की मांग की है,

जिससे हकीकत की तलाक सुदा महिला कों प्राथमिकता देना था किन्तु कमीशन खोरी के कारण अपात्र महिला जो षड्यंत्र करते हुए तलाक सुदा होने का प्रमाण पत्र जमा की थी,,

कलेक्टर कों लिखी शिकायत मे साफ है की उनकी अंक सूची मे अधिक नंबर होने और पात्र होने के बाद भी लाचार और बेसहारा महिलाओं कों लाभ देने से वँचित किया गया

जबकि कोर्ट के द्वारा प्रमाणित पत्र कों दर किनार करते हुए  अन्य अपात्र कों पात्र का दर्जा देकर नियुकी प्रदान किया गया है,

इस तरह जिले के महिला बाल विकास अधिकारी एवं सदस्यों द्वारा फर्जी नियुक्ति दिया गया है

जो नयाय संगत की ओर इंगित कर्ता है, जिससे अब महिला बाल विकास के कार्य प्रणाली पर सवाल भी उठना शुरू हो गया है,

लीला विश्कर्मा ने जिला प्रसासन से फिजा शेख की नियुक्ति की सम्पूर्ण जांच करते हुए उनके विरूद्ध फर्जी तलाक शुदा होने के प्रमाण पत्र की सत्यता जांच करते हुए वैधानिक कार्यवाही की मांग की है जिससे सत्यता ओर निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की है

, अब देखना दिलचस्प होगा की महिला बाल विकास विभाग मामले मे किस तरह आगे की कार्यवाही करेगी या मामला ठंडे बस्ते मे जाएगा,

इस मामले मे आँगनबाड़ी कार्यकर्ता पद की पात्र अभियंर्थी लीला विश्वकर्मा ने कहा की वो न्यालय तक न्याय  के लिए लड़ेगी l

Aashiq khan
Author: Aashiq khan