घटिया खाना, टूटी छत और बंद पंखे… परेशान छात्राओं का फूटा गुस्सा, सड़क पर बैठीं बेटियां

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

अनिल साहू

कन्या छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ छात्राओं का फूटा आक्रोश, अधीक्षिका पर गंभीर आरोप; जिला स्तरीय टीम ने मौके पर पहुंचकर दिया कार्रवाई का आश्वासन

सूरजपुर/ रामानुजनगर। ग्राम पंचायत भूनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की कथित बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश सोमवार को सड़क पर देखने को मिला। गुणवत्ताहीन भोजन, मूलभूत सुविधाओं की कमी और छात्रावास संचालन में कथित अनधिकृत हस्तक्षेप से परेशान आदिवासी छात्राओं ने रामानुजनगर-भूनेश्वरपुर मुख्य मार्ग पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्राओं ने “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारे लगाए। कई छात्राएं अपनी व्यथा बताते-बताते रो पड़ीं।

मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का आरोप

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से छात्रावास के निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। छात्राओं के अनुसार भोजन में कथित रूप से सड़े-गले चावल, खराब सब्जियां और पानी जैसी पतली दाल परोसी जाती है। वहीं साबुन, तेल और टूथपेस्ट जैसी दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जाती।

अधीक्षिका पर गंभीर आरोप, पुत्र के हस्तक्षेप की शिकायत

छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका पर आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से छात्रावास में मौजूद नहीं रहतीं और उनके स्थान पर उनका 23 वर्षीय पुत्र छात्रावास की व्यवस्थाओं एवं संचालन में कथित रूप से हस्तक्षेप करता है। छात्राओं ने बालिका छात्रावास में किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी को उनकी सुरक्षा और निजता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं का संकट

छात्राओं ने छात्रावास भवन एवं रसोईघर की स्थिति भी बेहद खराब होने की बात कही। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। भीषण गर्मी के बावजूद कई पंखे खराब पड़े हैं, जबकि पर्याप्त बिस्तर नहीं होने के कारण छात्राओं को टूटी-फूटी चटाइयों पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर भी छात्राओं ने नाराजगी जताई।

ग्रामीणों और छात्र नेताओं ने दिया समर्थन

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण एवं छात्र नेता मौके पर पहुंचे और छात्राओं की मांगों का समर्थन किया। जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू, विक्की यादव, हुसैन अंसारी और सुमंत राजवाड़े सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।

अविनाश साहू ने कहा कि यह किसी राजनीतिक मुद्दे का विषय नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

छात्राओं ने रखीं ये प्रमुख मांगें

छात्राओं एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के समक्ष अधीक्षिका को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने, छात्रावास में बाहरी व्यक्ति के कथित हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच कराने, राशन पंजी, स्टॉक रजिस्टर, मेन्यू एवं बिल-वाउचर का भौतिक सत्यापन कराने तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अलावा पर्याप्त बिस्तर, साबुन, तेल एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने तथा जर्जर भवन, रसोईघर, खराब पंखों और पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग भी उठाई गई।

जिला स्तरीय टीम पहुंची, आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

छात्राओं और क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया था कि जब तक जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं देते, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।

इसी बीच जिला स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।

वहीं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रामानुजनगर थाना प्रभारी विराट विशी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।

अधीक्षिका पर कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं

खबर लिखे जाने तक छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में अधीक्षिका के विरुद्ध किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच किस स्तर तक पहुंचाता है और छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

anil sahu
Author: anil sahu