जिला अस्पताल सूरजपुर कि सड़क कोयला खदान मुहाडे कि तर्ज पर बना, लोगों कि मानव संवेदना का ख्याल नहीं.

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CG आजतक न्यूज

ब्यूरोचीफ अंबिकापुर

आशिक खान

 

सूरजपुर/ ब्रेकिंग

 

सूरजपुर जिले का सबसे बडा जिला अस्पताल

 सड़क मार्ग

जिले के सभी सड़को से घटिया तरीके से निर्माण कराया गया है,

उपयंत्री ने आँख बंदकर इस सड़क मार्ग का नक्शा तैयार किया

और सड़कमार्ग का निर्माण भी करा दिया ऐसे उपयंत्री कों मेरा साधू वाद जिन्होंने मानव संवेदना का भी तनिक  भी ख्याल नहीं किया

औऱ आनन फानन में अस्पताल के साथ आने जाने हेतु सड़क मार्ग बनवा दिया,

 आप किसी कोयला खदान के अंदर जाने वाले मार्ग कों अगर देखे हों तों अनुमान लगाया जा सकता है कि यह सड़क कोयला खदान   कि  तर्ज पर सड़क मार्ग बना दिया है l

दस फिट गड्डे पर बना यह हॉस्पिटल कि सड़क मानव संवेदना के विपरीत बनाया गया है

हॉस्पिटल में जाने से पहले दो सौ मीटर कि ढलान सड़क से होकर जाना पड़ता है वापसी में घाट चढ़ना पड़ता है

जिन जिन लोगों ने इस सड़क में पैदल आना जाना किया है, उन लोगों ने  ठेकेदार, प्रसासन और इंजीनियर कों किस तरह कोसते हुए जा रहे है यह भी  एक श्राफ  से कम नहीं कहा जा सकता है.

जबकि जिले में कलेक्टर एसपी सहित  समस्त विभाग के प्रमुख  यहां पर मौजूद  होने के बाद इस तरह कि सड़क बनाकर  चला  जाना  और

लोगों कों मुसीबत में डालना  यह तों एक अभिशाप से कम नहीं है l

 

जिला अस्पताल में छ विकास खंडो के लोगों का प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है , मरोजो के साथ आये परिजनों कों जरूरी समानो दवाई सहित कई समानो कों लेने आना जाना भी पड़ता है लोगों कों आने जाने में किस तरह कि परेशानी होती होंगी यह भी एक प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है,, जिले भर में ऐसा सड़क किसी भी गांव में नहीं बना है अपितु यह सूरजपुर जिले का सौभाग्य है कि यह सड़क मानव संवेदना कों ध्यान में रखते हुए निर्माण कराया है,, सूरजपुर जिले में सैकड़ो कि संख्या में जनप्रतिनिधि और कई राजनितिक पार्टी विराजमान हैं लेकिन किसी कों इन सब चीजों से मतलब नहीं, कि मरीजों कों लाने ले जाने में किस तरह कि परेशानी मरीजों कों होता होगा,और परिजन कैसे सड़क का सफर करते होंगे,,

बाहरहाल आज सड़क मार्ग कों निर्माण हुए एक दशक हों गए लेकिन

मिडिया के मित्रो का भी ध्यान इस और आकर्षित नहीं हों पाया , यह एक दैनिय स्तिथि है, खदान कि मुहाड़े कि भाति निर्माण कराया गया और लोगों कों प्रतिदिन घाट चड़ो घाट उतरो का खेल खेलाया जा रहा है… I

Aashiq khan
Author: Aashiq khan