
नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार अधिनियम का लाभ दिलाने के खाद्य मंत्री ने दिए निर्देश
वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत दावों के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न
दूरस्थ बसाहटों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पीएचई विभाग को निर्देश
अम्बिकापुर अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 यथा संशोधित नियम 2012 अंतर्गत मैनपाट क्षेत्रांतर्गत नवीन दावों, निरस्त दावों का पुनरीक्षण एवं अनुमोदित दावों के प्रमाण पत्रों का वितरण के संबंध में समीक्षा बैठक बुधवार को जनपद सभाकक्ष मैनपाट में आयोजित की गई है
बैठक में शामिल खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने नवीन आवेदन और निरस्त प्रकरणों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
छत्तीसगढ़ शासन उन्हें उनका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्र अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत करने के लिए मुनादी कराएं जिससे लोगों तक जानकारी पहुंचे।
नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत वनाधिकार अधिनियम का लाभ मिले। मंत्री श्री भगत ने राजस्व एवं वन विभाग को संयुक्त टीम बनाकर नवीन आवेदन लेने, स्थल जांच एवं निरस्त प्रकरणों के पुनः परीक्षण करने की बात कही।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने बैठक में कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाना है।
राजस्व एवं वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से बेहतर काम करें।
दूरस्थ बसाहटों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पीएचई विभाग को निर्देश- बैठक में दूरस्थ बसाहटों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पीएचई विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए।
विभाग द्वारा परपटिया, घटगांव, सिंगढोढी, सुगापानी, कदमटिकरा सहित आवश्यक क्षेत्रों में बोरिंग खनन कर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही सड़क एवं विद्युत संबंधित मांगों पर भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में उर्दू अकादमी के सदस्य श्री बदरुद्दीन इराकी, सीईओ जिला पंचायत श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री ए.एल. ध्रुव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिला व खंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।




