

भरत लाल गुप्ता
पितृ मोक्ष श्राद्ध अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, मंदिर की भव्यता बढ़ाने और ध्वज परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए सर्वसम्मति से उठी आवाज
सलका/उदयपुर।देवगढ़ शिव धाम के मुख्य द्वार को भव्य स्वरूप देने के लिए श्रद्धालुओं ने 51-51 फीट ऊंचे दो स्थायी स्टेनलेस स्टील ध्वज स्तंभ स्थापित करने की मांग उठाई है। पितृ मोक्ष श्राद्ध अमावस्या के पावन अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस पहल का समर्थन करते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर विशाल ध्वज स्तंभ लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्रद्धालुओं के अनुसार, वर्तमान में मंदिर के मुख्य द्वार पर बांस के ऊंचे डंडों पर कपड़े के ध्वज लगाए जाते हैं। आंधी और बारिश के कारण ये ध्वज स्तंभ बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे उन्हें बदलने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में श्रद्धालुओं का मानना है कि स्थायी स्टील ध्वज स्तंभ स्थापित होने से धाम की सुंदरता बढ़ेगी और ध्वजारोहण की परंपरा को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
संभाग स्तर पर पहचान बना रहा देवगढ़ धाम
श्रद्धालुओं का कहना है कि देवगढ़ शिव धाम अब स्थानीय क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दूर-दराज से भी भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रत्येक अमावस्या, महाशिवरात्रि और सावन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की उपस्थिति से मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक माहौल रहता है। ऐसे में मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भव्य और स्थायी ध्वज स्तंभ स्थापित करना आस्था और धार्मिक परंपरा के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल होगी।

केसरिया ध्वज से दूर से ही होगी धाम की पहचान
मंदिर के पुजारी कांता प्रसाद वैष्णव एवं शिवनारायण यादव ने भी ध्वज स्तंभ लगाने की मांग का समर्थन किया। उनके अनुसार, मुख्य द्वार के दोनों ओर ऊंचे स्तंभों पर केसरिया ध्वज लहराने से देवगढ़ धाम की पहचान दूर से ही दिखाई देगी। इससे मंदिर परिसर की भव्यता में वृद्धि होगी और धार्मिक आस्था से जुड़ी ध्वजारोहण की परंपरा को नया स्वरूप मिलेगा।
तीन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं शिवभक्तों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तीन प्रमुख मांगें रखीं—
1. मंदिर के मुख्य द्वार के दोनों ओर 51-51 फीट ऊंचे स्टेनलेस स्टील के दो स्थायी ध्वज स्तंभ स्थापित किए जाएं।
2. दोनों ध्वज स्तंभों के नीचे पक्के चबूतरे बनाए जाएं तथा रात्रि में ध्वज स्पष्ट दिखाई देने के लिए प्रकाश व्यवस्था की जाए।
3. इस कार्य के लिए मंदिर समिति, जनपद पंचायत उदयपुर तथा श्रद्धालुओं के सहयोग से आवश्यक राशि जुटाने की पहल की जाए।

दीपावली से पहले कार्य शुरू करने की उम्मीद
श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि यदि इस प्रस्ताव पर दीपावली से पहले पहल शुरू हो जाती है, तो कार्तिक मास में देवगढ़ धाम पहुंचने वाले भक्तों को मंदिर के मुख्य द्वार का नया और आकर्षक स्वरूप देखने को मिल सकता है।
मंदिर के पुजारी एवं समिति के सदस्यों ने भी मांग का समर्थन करते हुए इस विषय पर जल्द बैठक बुलाकर आगे की कार्ययोजना तय करने की बात कही है। अब श्रद्धालुओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थायी ध्वज स्तंभ लगाने की इस मांग को अमलीजामा पहनाने के लिए कब पहल शुरू होती है।





