निष्पक्ष, न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने और जागरूकता लाना ही दिवस का उद्देश्य

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कोरिया नीरज साहू 09 नवम्बर,भारत में हर साल 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। यह कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 को अपनाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वैसे तो यह अधिनियम आधिकारिक तौर पर 9 नवंबर 1995 को लागू हुआ था। तब से, नागरिकों में कानूनी जागरूकता के उद्देश्य से पूरे राज्यों में कानूनी सेवा दिवस मनाया जाता है।
इसी कड़ी में आज बैकुंठपुर के जिला सत्र न्यायाधीश श्री आनन्द कुमार ध्रुव के निर्देश पर सरस्वती शिशु मंदिर, चरचा जिला कोरिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के अवसर पर बहुत ही आवश्यक बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी नागरिकों के लिए उचित, निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस सर्वाेच्च न्यायालय की ओर से समाज के गरीब और कमजोर वर्ग को सहायता, समर्थन प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया है।
निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य, संविधान के अनुच्छेद 23 में मानव दुर्व्यवहार या बेगार का शिकार व्यक्ति, महिला या बालक, मानसिक रोगी या विकलांग व्यक्ति, अनपेक्षित अभाव जैसे बहुविनाश, जातीय हिंसा, यौन दुर्व्यवहार, जातीय अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप, औद्योगिक श्रमिक, औद्योगिक संकट के शिकार, कारागृह, किशोर, क्षतिपूर्ति, मनोचिकित्सा अस्पताल, मनोचिकित्सीय परिचर्या गृह में अभिरक्षा में रखे गए लोग, तृतीय लिंग समुदाय से संबंधित, ऐसे व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो, एचआईवी या एड्स से पीड़ित व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं।
श्री सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि विधिक सेवा प्राप्त करने के हकदार व्यक्ति सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जिले के जरूरतमन्द तबकों के विकास, जरूरत और न्याय के लिए विधिक सेवा के माध्यम से आवश्यक पहल करने की जानकारी भी साझा की। श्री सिंह ने कहा कि जिले के कोई भी नागरिक बिना संकोच किए अपने हक, अधिकार और सुलभ न्याय के लिए मदद ले सकते हैं।
इस अवसर पर डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता श्री अजय सिंह, श्री के.वी. नामदेव तथा पी.एल.बी.श्री संतोष, स्कूल के प्रधानपाठक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।

neeraj kumar sahu
Author: neeraj kumar sahu

जिला प्रतिनिधि कोरिया