
नेता हो या व्यापारी या आमजनता सबको इंतजार हैं चुनावी रिजल्ट का ।
बीते दिनों हुए विधानसभा चुनाव पूरे प्रदेश में वोटिंग लगभग 70
प्रतिशत के आसपास ही रही
इस बार चुनावी त्यौहार भारी पड़ा दीपावली त्यौहार पर व्यापारी रहे मायूस ग्राहकी में पड़ा असर
2023 का विधानसभा चुनाव दो चरणों में विगत दिनों सम्पन्न हुआ
जिसमे निराशा इस बात की रही की जिला निर्वाचन ने पूरी ताकत के साथ प्रचार प्रसार लगा दिया की मतदान शत प्रतिशत हो और हुआ उसका उल्टा,
क्या ग्रामीण क्या शहरी क्षेत्र सब जगह मतदान का प्रतिशत उस प्रकार का नही दिखा जिस प्रकार की निर्वाचन आयोग को संभावना थी ।
आखिर इस विधानसभा में बढ़ चढ़ कर छत्तीसगढ़ की जनता ने हिस्सा क्यों नही लिया राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जनता जब इस प्रकार का करती हैं तो समझो जिसकी सरकार थी
उससे वो खुश उसे वो बदलना नही चाहते लेकिन मेरा सोचना जरा उल्टा है हर विधानसभा का परिदृश्य अलग होता है कई बार जिसकी सरकार है
उसने जनता की पसंद का उम्मीदवार ही नही उतारा तो उसको तो जनता वोट नही देगी
वो उसके सामने खड़े प्रत्याशी वो चाहे दूसरी पार्टी का हो या कोई निर्दलीय को चुनती है
इस बार का विधानसभा चुनाव छत्तीसगढ़ में फीका रहा शत प्रतिशत मतदान न हो लेकिन मतदान सम्मान जनक तो होना ही चाहिए था
और जनता को बढ़ चढ़ का हिस्सा लेना चाहिए था क्योंकि आपके द्वारा चुना गया प्रत्याशी आपके क्षेत्र में विकास करेगा उसे चुनना सभी का कर्तव्य भी हैं लेकिन इसबार ऐसा नही दिखाई दिया ।
भाजपा और कांग्रेस का दावा दोनो पार्टी 70 प्लास सीट आने का दावा कर रही है
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेता ये दावा कर रहे है की उनकी पार्टी की 70 सीट से ऊपर आ रही हैं उनका कौन सा गणित है ये वो ही जाने
लेकिन हमारे सूत्र या सर्वे जो हमने स्वयं आमजनात एवम ग्रामीणों से बात करके या अपने सूत्रों के आधार पर जानने का प्रयास किया कि कांग्रेस पार्टी की पिछली बार से सीट कम हो रही है और भाजपा की सीट बढ़ रही है
लेकिन कांग्रेस सरकार बनाने तक सीट हासिल करने में कामयाब होगी और सरकार कांग्रेस की बन सकती है
खैर चुनावी माहौल पिछले दो माह से पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहा था नेता,व्यापारी,आमजनता के बीच सिर्फ एक विषय पर चर्चा हो रही थी की उनके क्षेत्र में कौन जीत रहा है और सरकार किस पार्टी की बन रही है इस बार तो चुनावी त्यौहार के चलते दीपावली त्यौहार भी फीका फीका सा नजर आ रहा था
काफी कम मतदान के साथ छत्तीसगढ का चुनाव सम्पन्न हुआ और अब सिर्फ इंतजार हैं तो आने वाली 3 तारीख का जिसमे वोटो की गिनती मत गढ़ना होनी है और शाम होते तक सब साफ हो जाएगा की प्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनने जा रही है।इस से पूर्व चुनावी रणनीतीकार चौक चौराहों गुमटीयों मे बैठ कर चुनावी समीकरण करते देखे जा रहे हैं, किन्तु यह स्पष्ट करना मुश्किल है की कहाँ से किसकी जीत होंगी औऱ सरकार बनाने का मौका किसे मिलेगा औऱ ताज़पोसी किसकी होंगी फिलहाल लोगों को तीन दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है,, औऱ यह समय भाजपा कांग्रेस के नेताओं औऱ कार्यकर्ताओं की धडकने बढ़ा दी है,, सुबह से शाम हर क्षेत्र मे चुनावी परिणाम को लेकर चर्चा जोरों पर है,, अब देखना दिलचस्प होगा की रण भूमि मे कौन विजयी होगा,




