पम्पापुर में बप्पा के स्वागत की जोरदार तैयारियां, नवयुवक गणेश पूजा सेवा समिति ने संभाल रही मोर्चा

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अनिल साहू

सूरजपुर। विकासखंड रामानुजनगर के ग्राम पंचायत पम्पापुर में गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार भी पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्री श्री नवयुवक गणेश पूजा सेवा समिति द्वारा लगातार आठवें वर्ष भगवान गणेश के आगमन को भव्यता प्रदान करने के लिए दिन-रात एक किया जा रहा है। समिति ने जिले के सबसे आकर्षक और भव्य पंडाल की सजावट का बीड़ा उठाया है, जो भक्तों के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बनने जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी पम्पापुर में गणेश चतुर्थी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री श्री नवयुवक गणेश पूजा सेवा समिति के सदस्य पूजा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पंडाल को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और पारंपरिक सजावट से सुसज्जित किया जा रहा है, जो न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करेगा। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार पंडाल को और भी भव्य और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 *आठ वर्षों से बप्पा की सेवा में समर्पित* 

श्री श्री नवयुवक गणेश पूजा सेवा समिति पिछले आठ वर्षों से गणपति बप्पा की सेवा में अटूट निष्ठा के साथ जुटी हुई है। समिति के अध्यक्ष ने बताया, “हमारा उद्देश्य न केवल गणेश चतुर्थी को उत्सव के रूप में मनाना है, बल्कि इसे सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनाना भी है। इस बार हमने इको-फ्रेंडली मूर्ति और सजावट सामग्री का उपयोग किया है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।”

*पंडाल बन रहा आकर्षण का केंद्र* 

पम्पापुर का गणेश पंडाल जिले में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। इस बार भी पंडाल को थीम आधारित सजावट से और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है। समिति के सदस्यों ने बताया कि पंडाल में भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसका प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ

आज को किया जाएगा। पूजा के दौरान भक्तों के लिए विशेष आरती, भजन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है।

*10 दिनों तक चलेगा उत्सव* 

गणेश चतुर्थी का यह उत्सव आज से शुरू होकर 10 दिनों तक चलेगा, जिसके समापन पर अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) को भव्य विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान भक्त “गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया” के जयकारों के साथ बप्पा को विदाई देंगे। पम्पापुर का यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी शानदार उदाहरण है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर

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