पलका सरनापारा में विश्व पर्यावरण दिवस पर महिलाओं का फूटा आक्रोश, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

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भरत लाल गुप्ता 

अडानी पर प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और ग्रामसभा में अनियमितता के लगाए आरोप, जल संरक्षण, पौधारोपण व वन संरक्षण का दिया संदेश

उदयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पलका के सरनापारा में ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति उदयपुर द्वारा जागरूकता एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति की अध्यक्ष तपेसिया सिरदार द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई।

समिति के सचिव कन्हाई राम बंजारा ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जंगलों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। यदि आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता नहीं दिखाई गई तो भविष्य में जल, वायु एवं प्राकृतिक संसाधनों का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को अपने घर, गांव और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कर हरित वातावरण बनाने में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा अधिक से अधिक पौधारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया। समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

इसी दौरान उपस्थित महिलाओं के एक समूह ने अडानी समूह के विरुद्ध नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में खनिज संसाधनों के दोहन और पर्यावरणीय क्षति से स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है। महिलाओं ने वनांचल में निवासरत आदिवासी समुदायों के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए शासन-प्रशासन और समाजसेवियों से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

सामाजिक कार्यकर्ता भरत लाल गुप्ता ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में जल संकट एवं पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ी हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों की सहमति और अधिकारों का सम्मान करते हुए ही विकास कार्य किए जाने चाहिए।

समिति पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था विगत कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनहित से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यों का संचालन कर रही है तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम में भरतलाल गुप्ता, फुलबसिया सिंह, श्रीमती कौशल्या सिंह, कलिंदर सिंह, शकुंतला, सरिता सिंह, कविता, जाँचो बाई, छवि पैकरा, जोगेन्द्र, बेचूराम यादव, राधिका, दुर्गा, दिनीता, इनिता यादव, श्यामकुंवर, सहोद्री पावले, मनोहर प्रजापति, बीरबल सिरदार सहित समिति के सदस्य, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, महिला समूह की सदस्याएं, युवा साथी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।यह संस्करण समाचार-पत्र प्रकाशन के लिए अधिक संतुलित, व्यवस्थित और पेशेवर शैली में तैयार किया गया है।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर