प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया उप जेल मनेंद्रगढ़ का निरीक्षण

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बंदियों की सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता एवं जेल में भेदभाव की स्थिति का लिया जायजा

 

एमसीबी/26 सितंबबर

 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार उच्चतम न्यायालय के रिट पिटीशन सुकन्या संस्था विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित निर्णय के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर द्वारा उप जेल मनेंद्रगढ़ का निरीक्षण किया गया।

26 सितंबर 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेश पारिक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनेंद्रगढ़ लोकेश कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर श्रीमती अमृता दिनेश मिश्रा, विजिटर बोर्ड की सदस्य कलेक्टर मनेंद्रगढ़ सुश्री संतन देवी जांगड़े, एसपी श्रीमती रत्ना सिंह मनेंद्रगढ़ सहित अन्य सदस्यों ने उप जेल मनेंद्रगढ़ का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बंदियों से जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मिलने वाली चिकित्सा, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई। साथ ही सभी बंदियों को समय पर विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होने के संबंध में जानकारी सुनिश्चित की गई।

निरीक्षण बोर्ड द्वारा बंदियों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की गई। इस दौरान उप जेल मनेंद्रगढ़ में जातिगत भेदभाव अथवा अन्य किसी प्रकार का भेदभाव नहीं पाया गया। इसके अलावा जेल के इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदियों के बैरक, बंदियों के उपयोग के लिए बनाए गए शौचालयों की स्थिति एवं साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया।

प्रधान जिला न्यायाधीश एवं कलेक्टर मनेंद्रगढ़ ने बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा बंदियों से उनकी समस्याओं के संबंध में चर्चा की। जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में उपलब्ध सुविधाओं एवं इसके माध्यम से बंदियों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पैनल अधिवक्ता विनोद पासी एवं पैरालीगल वॉलेंटियर उपस्थित रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं डिस्ट्रिक्ट विजिटर्स बोर्ड द्वारा प्रत्येक तिमाही में उप जेल मनेंद्रगढ़ का निरीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जेल में निरुद्ध बंदियों के साथ किसी भी प्रकार का जातिगत, सामाजिक अथवा अन्य भेदभाव न हो तथा उन्हें आवश्यक विधिक एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होती रहें।

Aashiq khan
Author: Aashiq khan