
अनियमितता पाए जाने पर सूरजपुर जिले के शिक्षा अधिकारी को शासन ने किया निलंबित
बाकी विभागों में कार्रवाई कब तक CG आजतक न्यूज़ की खबर का असर, बड़ी प्रमुखता से खबर को किया था प्रकाशित।
सूरजपुर ब्रेकिंग
सूरजपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के कार्य प्रणाली को लेकर CG आजतक न्यूज़ ने बड़ी प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित किया था
जिसके बाद शासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को निलंबित कर दिया है
उन्होंने भी उनके कार्यों में अनियमितता पाई इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
ज्ञात हो कि जिले में यूं तो कई विभाग में गड़बड़ झाला है जिला पंचायत इस मामले में सुर्खियों में बना हुआ है।
खाद्य विभाग व निर्माण एजेंसी वाले विभाग में भारी भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है
इधर दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी के मनमानीपन के कारण उन्हें राज्य शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया है
बाकी विभागों की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। उक्त आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव के द्वारा जारी किया गया है।
पिछले 5 सितंबर को दैनिक दबंग दुनिया ने खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
उल्लेखनीय है कि दो दो जिलों का प्रभार सम्हाल रहे विवादित जिला शिक्षा अधिकारी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है।
बताया गया है वे सरकार के दिशा निर्देशों के बावजूद मनमानी तरीके से काम कर रहे थे।उन पर करीब 34 लाख रुपए के गड़बड़ी का आरोप है।
बताया गया है कि राज्य में मिलेट का उपार्जन किया जा रहा है। शासन की संस्था सी-मार्ट के माध्यम से भी मिलेट विक्रय हेतु निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
अतः स्थानीय स्तर पर स्व-सहायता समूहां के माध्यम से वन विभाग द्वारा उपार्जित सामगी से खाद्य पदार्थ जैसे रागी लड्डू, मिलेट बार,
मिलेट चिवड़ा, खिचड़ी, पुलाव आदि बनवाकर भण्डार क्रम नियम 8 एवं उनके उप नियमों का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को वितरण किया जाना है।
भारत सरकार की गाइडलाईन की कंडिका-3.6(ii) अनुसार भी प्रधानमंत्री पोषण का संचालन स्व-सहायता समूहों के द्वारा कराया जा सकता है।
मिलेट्स से तैयार किये जा सकने योग्य व्यंजनों की सूची संलग्न है।
निर्देश था कि किसी भी स्थिति में बाजार में उपलब्ध रेडीमेड खाद्य सामग्री का क्रय कर वितरण नहीं किया जाना है
” मगर शासन आदेश निर्देश के विपरीत जिला शिक्षा अधिकारी, सूरजपुर ने शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में फूलेक्सी मद से मिलेट्स आधारित खाद्य आपूर्ति किये जाने हेतु प्रदायकर्ता ऐजेन्सी सी-मार्ट, सूरजपुर से राशि रू. 34,00,792.00 (चौतीस लाख सात सौ ब्यानबे स.) की खरीदी की गई। उक्त अनियमित कार्यवाही हेतु राम ललित पटेल (मूल पद- प्राचार्य) प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी,
सूरजपुर की मुख्य रूप से सहभागिता परिलक्षित हुई है।
राम ललित पटेल (मूल पद- प्राचार्य) प्रभारी जिला सूरजपुर का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा ( आचारण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत कदाचार की श्रेणी में आता है।
राज्य शासन ने इसी मामले में राम ललित पटेल (मूल पद- प्राचार्य) प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सूरजपुर को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9(1)(क) के तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है
तथा इनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) सरगुजा नियत किया गया है।
इधर दूसरी और देखना है कि बाकी विभागों पर कब तक शिकंजा कसा जाएगा या मामले का इतिश्री कर दिया जाएगा है।







