बरौल के अमृत सरोवर तालाब निर्माण में खानापूर्ति कर राशि आहरण,

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अनिल साहू

सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बरौल में अमृत सरोवर तालाब निर्माण में व्यापक रूप से भ्रस्टाचार करने का मामला प्रकाश में आया हैं,

विदित हो की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक के द्वारा संयुक्त रूप से मनरेगा के तहत स्वीकृत अमृत सरोवर के तालाब निर्माण में प्राकलन एवं स्टीमेन्ट के विपरीत निर्माण कराया गया हैं, जीतना गहरा खोदना था उससे काफी कम खोद कर काम को इतिश्री कर दिया गया हैं, वहीं तालाब में नाली निर्माण में भी इसी तरह घटिया ईंट से जोड़ाई कराकर नाली का निर्माण किया गया है जबकि कांक्रिट छड़ से निर्माण कराना था लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा मनमानी तरीके से घटिया ईट से निर्माण करा दिया जिससे नाली निर्माण की गुणवत्ता सामने आ गई नाली कई जगह से क्रेक हो चूका है, वहीं अमृत सरोवर तालाब में सरपंच द्वारा अपने परिवारों रिस्तेदारो के नाम से मास्टर रोल भरवाकर शासन के राशि का बंदर बाट खुलेआम किया गया हैं, बताया जाता है की सरपंच अपने चहेतो और परिवारों को लाभ पहुंचातें हुए लगातार उन लोगों के नाम से मास्टर रोल भरकर लाभ पहुंचाने का काम किया है ।

बताया जाता हैं की इसी तरह सरपंच द्वारा सभी निर्माण कार्यों में अपने परिवारों को लाभ पहुंचाने एवं बिना काम कराये ही उनके खाते में पैसा देता आ रहा है इस तरह सरपंच मुलभुत एवं पंद्रहवा वित्त की राशि को जनहित के कार्यों के आलावा नीजी कार्यों में खप्त कर फर्जी बिलिंग समलित कराकर मामले को इतिश्री करने में लगा है भ्रष्ट सरपंच के इस कारनामे के कई उदाहरण सामने आ सकते हैं ज़ब इनकी जांच होंगी तब,,

सार्वजनिक निस्तार के लिए स्वीकृत अमृत सरोवर के तालाब को आधा अधूरा छोड़ कर पूर्ण होने का बोर्ड लगाकर राशि आहरण तक कर लिया गया, लेकिन तालाब पहले की भाँती आज भी ऐसी ही हालत में हैं लगभग दस लाख की स्वीकृति में मूल्यांकन 99.प्रतिशत करा लिया गया है, तकनीकी सहायक ने आँख बन कर के कमीशन के फेर में इस तरह फर्जी मूल्यांकन कर दिया जबकि वास्तव में कार्य अपूर्ण है,

ग्रामीणों ने जांच व कार्यवाही की मांग किया है,

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर