
सूरजपुर जिले के समस्त विकासखण्ड व थाना क्षेत्रो के ग्रामीण इलाका मे बेखौफ डीजे कान फोडू साउड बजाया जा रहा हैं
किन्तु पुलिस प्रसासन द्वारा ऐसे ध्वनि प्रदुषण के खिलाफ या राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही न किये जाने से विद्यार्थियों मे आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं,
विदित हो की एक मार्च से बोर्ड की परीक्षा शुरू होना तय हैं,
वहीं छात्रों द्वारा परीक्षा की तैयारी किया जा रहा हैं किन्तु कान फोड़ू डीजे के बजने से छात्र छात्रों कों पढ़ाई मे काफी परेशानी होना शुरू हो गया हैं
जिससे वे अपने बिषय की पढ़ाई कों लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे किन्तु जगह जगह शादी, विवाह, पार्टी, जन्म दिनों पर बिना परमिशन रात्रि कालीन देर रात तक डीजे बजा रहे हैं,
इतना ही नहीं एक गांव मे तीन से चार पांच स्थलों पर तेज आवाज के साथ साउंड खोलकर बाजा बजाया जा रहा किन्तु इन्हे रोकने टोकने वाले कोई नहीं है,
इस वजह से गांव गांव मे बेखौफ होकर डीजे साउंड बजाया जा रहा है
ज़ब की शासन प्रसासन का साफ निर्देश है की ध्वनि प्रदूषण पूर्णता बंद रहेगा, अर्थात जिन्हे शौक हो शाशन प्रसासन से अनुमति लेकर धीमी गति से उपयोग किया जाये परन्तु बेखौफ लोगों द्वारा लगातार हरकत किया रहा है l
जिससे पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों कों अधिकास परेशानी होती हैं
बच्चे कहा शिकायत करें, किस्से शिकायत करे यह भी एक बड़ा प्र्शन है,
गांव मे कोई किसी की सुनने वाला नहीं,
न कोई इन्हे मना नहीं कर पाता है,
अगर मना करने की कोशिश करता हैं तो डीजे बजाने वाले ही उस व्यक्ति कों धमकाने चमकाने लगते हैं
इस वजह से ग्रामीण भी सहमे हुए इस तरह के ध्वनि प्रदुषण के विरूद्ध कुछ नहीं कर पा रहे हैं
ऐसे मे मनमानी तरीके से गांव मे डीजे बजाया जा रहा हैं,
जबकि कमीनशनर, कलेक्टर के साफ निर्देश के बाद भी बिना अनुमति के ही धड़ल्ले से डीजे बजाया जा रहा हैं,
कब इन डीजे बजाने वालो के विरूद्ध कसर्यवाही होंगी या नहीं होंगी यह समझ से परे है,
किन्तु बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा दोनों कों प्लीता लगाने मे कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा हैं,ऐसे ध्वनि प्रदुषण हेतु गांव गांव मे टीम बनाया जाये,
या सरपंच के द्वारा गांव गांव मे मुनादि कराकर गांव के लोगों कों समझिस देना उचित होगा



