
आज तेज तूफ़ान मे कई विशाल पेड़ धारासायी हो गया, जिससे क़ोई बड़ी जनहानी नहीं हो पाया किन्तु तूफ़ान से छप्पर पेड़ पौधे सहित डगाल टूटकर दूर छिटक गए,वहीं सात आठ बिजली प्रवाहित सीमेंट के खम्भे टूट कर बिखर गया,
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामानुजनगर विकाशखंड के कई ग्राम पंचायतों मे आज शुक्रवार क़ो लगभग चार बजे मौशम का मिजाज बदला और तेज आंधी तूफ़ान की बड़ी शैलाब आ गई जिससे कई विशाल पेड़ धारासायी हो गया
और कई घरों के छपऱ और सीट उखड़ कर दूर छिटक कर बिखर गया,, आधी तूफ़ान के साथ पत्थर भी जमकर गिरे
जिससे ग्रामीणों के आसियाना उजड़ गई बरसात के पहले इतनी बड़ी तूफ़ान से ग्रामीणों क़ो काफी हानि हुई है,वहीं तूफ़ान से और आसमानी पत्थर के चपेट मे आने से जीव जंतुओ और चिडियो के मरने की खबर आ रही है,
उल्लेखनीय है की मोहनपुर, सुरता , रामेश्वरम सहित कई गांव मे अचानक आई तूफ़ान से लोग अस्त व्यस्त हो गए है वहीं सुरता उमेशरपुर सड़क मार्ग मे कई स्थानों मे पेड़ और डगाल के टूटकर गिरने की सुचना प्राप्त हुई है,किन्तु सबसे जादा आंधी बारिश और आसमानी पत्थर से मोहन पुर मे इसका प्रभाव जादा देखने क़ो मिला है, बिजली के खम्भे के टूटकर गिरने के कारण यहां पर बिजली पूरी तरह बंद करवा दिया गया था, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई, किन्तु तेज आंधी तूफ़ान से बड़े बड़े विशाल पेड़ हवा मे ही गिर गये तो कई मजबूत पेड़ के डगाल भी गेंद की तरह दूर जाकर गिरे,इतना ही नहीं कहर बनकर आई तूफ़ान कई घरों के छपऱ क़ो उखाड़कर फेक दिया जिससे ग्रामीणों के आशियाने उजड़ गए, बरसात से पहले इस तरह की आधी तूफ़ान बारिश से परेशान ग्रामीणों के लिए रहने सोने की समस्या उतपन्न हो गई है, अब किसान खेती की तैयारी करेंगे या अपना उजड़ा हुआ घर बनाएंगे, ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती ख़डी हुई है, इस प्राकृतिक आपदा की सर्वें यहां शीग्र होना चाहिए जिससे लोगों क़ो उनका हक मिल सके,
ग्रामीणों ने शाशन प्रसासन से क्षतिपूर्ति की राशि की मांग किया है l






