
[IT_EPOLL id=”1″][/IT_EPOLL]रामानुजनगर: सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा नौ दिनों तक भक्ति और आस्था का संगम, दशहरे पर विशाल रावण दहन,



रामानुजनगर, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति व नव युवा माँ दुर्गा समिति के तत्वावधान में माँ दुर्गा की स्थापना के बाद लगातार नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, आरती और महाप्रसाद वितरण का आयोजन नियमित रूप से किया गया।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रानी मैदान व शिव मंदिर प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ दुर्गा नवमी का आयोजन किया गया। दशहरे के अवसर पर रानी मैदान में विशाल रावण का दहन किया गया। इस अवसर पर भक्ति, शक्ति और सांस्कृतिक आस्था को लेकर विविध आयोजन आयोजित किए गए।
समिति ने की बेहतर व्यवस्थाएं
दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष हजारी लाल साहू के नेतृत्व में, वहीं शिव मंदिर दुर्गा समिति के अध्यक्ष दशरथ गुप्ता द्वारा श्रद्धालुओं के आने-जाने, पूजा, साफ-सफाई सहित व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए मैदान पर लगभग 15 दुकानों का निर्माण कराया गया। वहीं छोटे बच्चों और माता-बहनों की खुशी को दोगुनी करने के उद्देश्य से मीना बाजार में झूला सहित अनेक प्रकार के मनोरंजन के साधन लगवाए गए थे।
ग्राम पंचायतों में भी धूमधाम से मना दुर्गा उत्सव
रामानुजनगर के परशुरामपुर, पतरापाली, द्वारिकापुर, छिंदिया, गणेशपुर, सुरता, उमापुर, देवनगर, भुनेश्वरपुर, सेंदुरी, महगई, आमगांव के अलावा अन्य ग्राम पंचायतों में भी दुर्गा उत्सव धूमधाम से मनाया गया तथा दशहरे के अवसर पर सभी जगह रावण दहन किया गया।
पुलिस ने संभाला सुरक्षा का मोर्चा
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया था। रावण दहन की रात थाना प्रभारी ने खुद मोर्चा संभालते हुए भीड़ को काबू करने में सफलता पाई। बुधवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान भी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल सक्रिय रही। देर रात तक नगर भ्रमण के पश्चात दुर्गा विसर्जन किया गया।
पूरे पर्व के दौरान भीड़ होने के बावजूद किसी भी प्रकार की अनहोनी या अप्रिय घटना नहीं हुई, जिससे समिति और पुलिस ने राहत की सांस ली।
परशुरामपुर में रावण दहन से पहले ही लगा दी आग, पुलिस ने संभाली स्थिति
वहीं परशुरामपुर में दुर्गा समिति द्वारा नव निर्मित रावण में अज्ञात व्यक्ति द्वारा दहन से पहले ही आग लगा दी गई, जिससे गांव में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। पुलिस ने एक संदेही व्यक्ति को पकड़कर थाने लाकर पूछताछ की। संदेही ने नया रावण बनाकर समिति को देने और बुधवार को रावण दहन करने की अर्जी दी, जिस पर समिति के लोगों ने माफी स्वीकार करते हुए राजी हो गए। आज एक दिन बाद रावण का दहन किया गया, जिससे गांव में पुनः खुशी बरकरार हो गई।




