सरकार द्वारा वन भूमि पट्टा देने के कारण ही जंगलो का सफाया जारी

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

CG  आजतक  न्यूज़

ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा

आशिक  खान  

प्रदेश सरकार  के रहमोंकरम  से वनभूमि  पट्टा वितरण की वजह से अब जंगल की जमीन पर कब्जा की होड़ मचा  हुआ हैँ,

विदित हो की सरगुजा संभाग  के अलावा  बस्तर संभाग  का भी  यही आलम  है,

लगातार  जंगल की अवैध  कटाई  करके ग्रामीण जंगल  की जमीन को कब्जा कर कास्त कारी  किया जा रहा हैँ, कब्जा वाले व्यक्ति को सरकार  के द्वारा वन भूमि  का पट्टा भी उन्हें दिया जा रहा हैँ,

लगातार  जंगलो की अवैध  कटाई  के कारण  वन सम्पदा सहित  विभिनन प्रकार  के पेड़ो की अंधा धुन  कटाई के बाद लम्बा चौड़ा  क्षेत्रफल का पट्टा बना कर  रख  देना यह खेल  बहुत ही दैनिय  हैँ

वनो की कटाई  के कारण  पर्यावरण का विपरीत प्रभाव  भी पड़ता जा रहा हैँ वहीं लम्बा चौड़ा  जंगल सिमट चुके  लेकिन शाशन  प्रसाशन की सह से इंकार नहीं किया जा सकता जिससे लगातार जंगल की भूमि  को अतिक्रमण से बचाने के बजाये  लगातार  कब्जा धारियों  से साठ  गाँठकर  कब्जा दिलाने मे सफलता प्राप्त किया हैँ,

उल्लेखनीय हैँ की अगर इसी तरह प्रदेश  की सरकार  वन भूमि  का पट्टा देते रहेगा तबतक इस तरह का कब्जा रोक पाना  मुमकिन ही नहीं नामुमकिन  भी साबित  हो सकता हैँ,

सरकारे  अपने पद पावर  कुर्सी के लिए वन भूमि  के जंगलो का वन अधिकार  पट्टा देना बंद करें अन्यथा सरगुजा बस्तर के जंगलो का सफाया  बहुत ही जल्दी होने की स्तिथि पर आ  गया है,

बाहरहाल  गांव गांव मे निवासरत  ग्रामीणों के द्वारा कई वर्षो से इस तरह का कब्जा करके जमीन का पट्टा सरकार  से लिया  जा रहा हैँ

बताया  जाता हैँ एक किसान  कम से कम  पांच  से दस दस एकड़ तक का पट्टा सरकार  से ले चूका हैँ, जो प्रतिवर्ष कब्जा कर पट्टा बनावा  ले रहा है

जमीन कब्जा कराने  मे गांव के वन अध्यक्ष, वन विभाग  के मैदानी  कर्मचारियों  के द्वारा पूरा संरक्षण देने की वजह से  वन भूमि  का अतिक्रमण और कब्जा निरंतर  जारी है,

वरिष्ठ लोगों ने खबर  के माध्यम  से छ ग प्रदेश की सरकार  और प्रसासन  को इस संबंध  मे  अवगत कराते  हुए  तत्काल  निर्णय लेते हुए  वन भूमि  पट्टा देना अभियान को प्रतिबंध करना आवश्यक  होगा , अन्यथा जंगल बहुत ही कम समय मे वीरान  मैदान  मे तब्दील होने की कगार  पर हैँ  जिसका खामियाजा आम  और ख़ास  दोनों के लिए  भविष्य  मे हानिकारक  साबित होना तय है l

 

Aashiq khan
Author: Aashiq khan