“हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान का शुभारंभ, कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल”

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अनिल साहू

तीजा-पोरा पर्व पर मुख्यमंत्री निवास से अभियान की शुरुआत, 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए 7.88 लाख परिवारों को जोड़ा जाएगा

हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान का विधिवत शुभारंभ

रायपुर। पारंपरिक लोक पर्व तीजा-पोरा के उल्लासपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की विशेष उपस्थिति में राज्यव्यापी ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अभियान के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया गया तथा पोषण जागरूकता के लिए ‘सुपोषण रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

कुपोषण पर सीधा वार, पोषण का प्राकृतिक उपहार

अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुनगा (सहजन) प्रकृति का दिया हुआ अनमोल वरदान है, जो आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर है। प्रदेश की महिलाओं में एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने तथा नन्हे बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा।

अभियान के तहत प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण घरों की बाड़ियों में मुनगा के पौधे रोपे और वितरित किए जा रहे हैं। इसका सीधा लाभ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की माताओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को मिलेगा। परिवार अपनी ही बाड़ी से कम लागत में पौष्टिक आहार प्राप्त कर सकेंगे।

प्रशासनिक कसावट के बाद धरातल पर दिखा असर

महिला एवं बाल विकास विभाग में हाल ही में किए गए प्रशासनिक पुनर्गठन और नई ऊर्जावान टीम की तैनाती के बाद योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी देखने को मिल रही है। प्रशासनिक फेरबदल के दौरान आम जनता एवं हितग्राहियों के कल्याण के लिए 6 नई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का रोडमैप तैयार किया गया था।

इसी क्रम में ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान को पहली महत्वपूर्ण योजना के रूप में धरातल पर उतारा गया है।

शेष 5 महत्वाकांक्षी योजनाएं भी जल्द होंगी लागू

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि सुशासन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की नई टीम उनके मार्गदर्शन में शेष 5 महत्वाकांक्षी योजनाओं के ड्राफ्ट और धरातलीय मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटी है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में महिला सशक्तिकरण, बाल देखरेख और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी शेष पांचों योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक तय हुई जवाबदेही

अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए और इसका शत-प्रतिशत परिणाम धरातल पर दिखाई दे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। मंत्रालय स्तर पर विभागीय सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति नीतिगत मार्गदर्शन देगी।

वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर तथा विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय समितियां अभियान को गति देंगी। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO), परियोजना अधिकारी (CDPO), पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भी जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों से 7.88 लाख परिवार जुड़ेंगे

प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.88 लाख परिवारों को सीधे इस अभियान से जोड़ने की योजना है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15 मुनगा पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पौधों के जीवित रहने, क्षति होने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः रोपण की स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके माध्यम से उच्च स्तर से लेकर मैदानी स्तर तक अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों और प्रदर्शन का सतत मूल्यांकन किया जाएगा।

हर परिवार मुनगा लगाए और संतान की तरह करे देखभाल

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि तीजा-पोरा के इस पावन पर्व पर प्रत्येक परिवार अपनी बाड़ी में मुनगा का पौधा लगाने और उसकी संतान की तरह देखभाल करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक स्वस्थ, सुपोषित और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से सप्ताह में कम से कम तीन बार मुनगा फल, मुनगा भाजी और मुनगा फूल को अपने भोजन में शामिल करने का भी आग्रह किया।

anil sahu
Author: anil sahu