

अनिल साहू
सूरजपुर/रामानुजनगर। 17 सितंबर को जागरूकता कार्यक्रम के बाद 18 से 20 सितंबर तक ग्राम पंचायत सरईपारा में “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत कार्ययोजना निर्माण का चरण आयोजित हुआ। तीन दिनों तक पंचायत भवन में लगातार बैठकें चलीं जिनमें आदि सहयोगी, आदि साथी, सचिव, सरपंच, नोडल अधिकारी, पंच गण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
पहले दिन विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई—मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, और साक्षरता अभियान। सचिव ने बताया कि गाँव के प्रत्येक परिवार की ज़रूरतों के अनुसार योजना बनाना ज़रूरी है ताकि कोई भी परिवार वंचित न रह जाए।
19 सितंबर को महिलाओं और युवाओं की अलग बैठकें हुईं जिनमें आत्मरोज़गार, महिला स्वसहायता समूह, डिजिटल साक्षरता और ग्रामीण उद्यमिता पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने अपने विचार रखे और बताया कि किस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। नोडल अधिकारी ने इन सुझावों को लिखित रूप में लिया ताकि आगे विभागीय प्रस्ताव तैयार किए जा सकें।
20 सितंबर को पूरी कार्ययोजना का मसौदा तैयार हुआ। इसमें पंचायत क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं — सड़क मरम्मत, स्वच्छ जल, शिक्षा सुविधा, स्वास्थ्य केंद्र, पशुपालन प्रशिक्षण आदि शामिल किए गए। सरपंच ने कहा कि यह योजना तभी सफल होगी जब हर ग्रामीण अपना योगदान देगा।
इन तीन दिनों की बैठकों से ग्रामवासियों को अपने अधिकारों और दायित्वों की गहरी समझ मिली। पंचायत ने निर्णय लिया कि आगे चलकर हर पखवाड़े में प्रगति बैठक होगी। इस प्रकार अभियान का यह दूसरा चरण गाँव के विकास की ठोस दिशा तय करने में मील का पत्थर बना।




