प्रेमनगर विधानसभा में ओबीसी समान्य वर्ग उम्मीदवार की मांग बढ़ता जा रहा

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CG आजतक न्यूज़

ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा

 

 

प्रेमनगर में ओबीसी उम्मीदवार की मांग बढ़ती जा रही, l

 

छत्तीसगढ़ में इस समय चुनाव सरगर्मी बढ़ती ही जा रही हैं किन्तु कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा नहीं होने से क्षेत्र की आम जन मतदाता अचरज में पडे हुए हैं की आखिर कब तक उम्मीदवार की घोषणा कांग्रेस पार्टी तय कर पॉयेगा ऐसे में ज़ब CG आजतक की टीम प्रेमनगर विधानसभा के गांव गांव और नगरों के लोगों से बातचीत किया तो यह स्पष्ट हो गया की प्रेमनगर की जनता मतदाता गण अपने विचार व्यक्त करते हुए अपनी पीड़ा को मिडिया के सामने खोल कर रख दिया जनसंपर्क टीम ने अवलोकन किया तो हजारों की संख्या में लोगों की मांग ओबीसी या समान्य वर्ग से उम्मीदवार बनाने की मांग उठा है,

ऐसे में अब अधि सुचना जारी होने के लिए चंद दिन ही बचे हैं किन्तु कांग्रेस पार्टी द्वारा अबतक उम्मीदवारो की घोषणा नहीं कर पाया जिससे यहां के लोगो में मायूसी छा गई है जबकि प्रेमनगर विधानसभा सीट के लिए इस बार सर्वाधिक लोगों ने उम्मीदवार हेतु आवेदन किया है, आपको यह बताना आवश्यक है की दावेदारी 43 लोगों ने किया है लेकिन

प्रवेक्षक के आने पर आधा दर्जन उम्मीदवार ही अपने अपने खेमे को लेकर शक्ति प्रदर्शन किये जिससे आधी रात तक कार्यकर्ताओं से प्रवेक्षक ने

फीड बैक लिया इतनी लम्बी लिस्ट में आधा दर्जन उम्मीदवार को देकर शीर्ष प्रवेक्षक भी हैरान रह गए, की आखिर इतने सारे उम्मीदवार गए कहाँ, इससे यह साबित होता है की ये जो आवेदक थे जबर जस्ती किसी ने इन्हे फॉर्म भरवाया था या इन्हे कोई ताकतवर नेताओं द्वारा शांत करा दिया गया, जिससे माहोल बिलकुल शांत पड़ा हुआ हैं, बस इंतजार इस बात का है की कांग्रेस के उम्मीदवार नया चेहरा होगा या पूराना ही, इसमें राजनीतिक पंडित गुणा भाग कर रहे लेकिन समझ से परे है की आखिर भाग्य में टिकिट किसके हाथ में होगा,

जबकि विधानसभा चुनाव की घोषणा को महज कुछ दिन ही शेष हैं और चुनावी घोषणा भी होने वाली है,

ऐसे समय में प्रेमनगर विधानसभा सीट अनारक्षित है जहाँ पर वर्तमान समय में आरक्षित वर्ग मौजूदा विधायक हdmऐसे समय में सम्पूर्ण प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में ओबीसी या समान्य वर्ग से उम्मीदवार की मांग खुलकर सामने आ रहा है,

जबकि भाजपा ने दो महीने पहले ही आदिवासी वर्ग से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, ऐसे में कांग्रेस यदि ओबीसी या समान्य वर्ग से उम्मीदवार घोषित करती है तो निश्चित ही कामयाबी मिलने के आसार नजर आ रहे है,

कियुकी ओबीसी समान्य से ही विधायक बनाना चाहती है,

आपको यह बताना अत्यंत आवश्यक है की 2008 से पूर्व आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित थी, किन्तु 2008 के नए परिसिमन में यह प्रेमनगर विधानसभा समान्य सीट आरक्षित बन गया, परन्तु भारत देश के दो प्रमुख दल भाजपा कांग्रेस ने समान्य अनारक्षित सीट पर आरक्षित वर्ग से प्रत्यासी के रूप में सामने आ चुके है,

जबकि प्रेमनगर में मतदाताओ की जनसंख्या के हिसाब से आदिवासी वर्ग के मतदाताओ से दो गुना से भी जादा ओबीसी समान्य वर्ग की जनसंख्या स्पष्ट दिखाई दे रहा है

इसके बाद भी प्रत्यासी चयन में मानवता के मंशा के खिलाफ आरक्षित वर्ग से प्रत्यासी बनाकर भोपना इस बार दोनों ही दलों को भारी पड़ सकता है, ऐसे में ओबीसी वो समान्य वर्ग तीसरे विकल्प पर अपना मत देने विवश हो

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Aashiq khan
Author: Aashiq khan