
सूरजपुर अनिल साहू छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने अशासकीय स्कूलों की लंबित मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि 2022-23 तक की आरटीई की रूकी प्रतिपूर्ति राशि को अविलंब स्कूलों के खाते में हस्तांतरित किया जाए। पिछले 12 सालों से आरटीई की राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई है। आरटीई की राशि प्राथमिक कक्षाओं में 7,000 से बढ़कर 15,000, माध्यमिक की 11,500 से बढ़ाकर 18,000 और हाई और हायर सेकेंडरी की अधिकतम सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 तक किया जाए। बसों की फिटनेस अवधि छत्तीसगढ़ में 12 साल है, जबकि देश के अधिकांश राज्यों में यह अवधि 15 साल है। निजी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को भी सरस्वती साइकिल योजना का लाभ दिया जाए। गणवेश की राशि 540 रुपये से बढ़कर 2,000 की जाए। बजट में आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि के लिए 65 करोड़ का प्रिवधान है। जबकि इतने सालों में छात्र संख्या बढ़ने के कारण यह राशि अब पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाकर 100 करोड़ किया जाना चाहिए।




