जिला चिकित्सालय में जांच की सुविधा के बावजूद मरीज को करनी पड़ रही है निजी संस्थानों में जांच

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मरीजो ने कलेक्टर से की शिकायत,अस्पताल प्रबंधन को मिली फटकार
कलेक्टर ने कहा मरीजों को ना हो किसी प्रकार की दिक्कत,रखे ध्यान

सूरजपुर @ अनिल साहू। जिला चिकित्सालय की जीवन दीप समीति के बैठक लेने पहुंचे कलेक्टर रोहित व्यास से मरीज ने शिकायत कर कहा की जिला चिकित्सालय में सुविधा के बावजूद उन्हें निजी चिकित्सालय में जांच कराने हेतु भेजा जाता है जिससे उन्हें अनावश्यक के आर्थिक बोझ उठानी पड़ रही है इस पर कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए मरीज का पैसा वापस करवाया मरीज ने कलेक्टर के इस पहल पर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है ।

मरीज ने चर्चा के दौरान कहा कि इन दिनों जिला अस्पताल में निजी अस्पताल के बिचौलिए सक्रिय हैं। इससे मरीजों को न सिर्फ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि उनकी जेब भी ढीली हो रही है। निजी संस्थानों के बिचौलिए जिला अस्पताल के अंदर कभी भी देखे जा सकते हैं। इधर कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूरत में जिला चिकित्सालय के पास निजी संस्थान के लोग नजर आए या डॉक्टर शासकीय चिकित्सालय से निजी संस्थाओं में मरीजों को भेजा गया तो दोषी को बक्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल में व्यवस्था सुधार के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं सूरजपुर कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने नोटिस जारी कर जिला चिकित्सालय के आसपास स्थित निजी पैथोलॉजी लैब, कलेक्शन सेन्टर के लोगों द्वारा चिकित्सालय में आकर भर्ती मरीजों का ब्लड सैम्पल लिया जा रहा है एवं मरीजों की अपने संस्थान में जांच के लिए ले जाने की शिकायत मिली है जो कि पूर्णतः गलत है, इससे मरीजों की अधिक हानि हो रही है। ऐसे मामले पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर