
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा
छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने में अपनाए जा रहे नवाचार के सुखद परिणाम मिले
रामानुजनगर के स्कूलों में मोबाइल कॉल सेंटर एवम नोटिस कॉर्नर की स्थापना
सूरजपुर जिले के –विकासखंड रामानुजनगर के विद्यालयों में प्रयोगात्मक तौर पर छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नित्य नए नवाचार अपने जा रहे हैं
प्रारंभिक तौर पर इसके सुखद परिणाम देखने को मिला है, इससे उत्साहित होकर विकासखंड के शिक्षा अधिकारियों ने 10 विद्यालय के स्थान पर मार्च में 70 विद्यालयो में लागू करने का निर्णय लिया है।
गत 05 फरवरी को सीएसी बैठक के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री पंडित भारद्वाज, बीआरसीसी श्री हजारीलाल चक्रधारी एवं बीपीओ साक्षर भारत श्री रविनाथ तिवारी से चर्चा कर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार साहू ने समस्त सीएससी को “मोबाइल कॉल सेंटर”और नोटिस कॉर्नर का कॉन्सेप्ट दिया है,
विदित हो कि रामानुजनगर के चुनिंदा 10 विद्यालय में फरवरी महीने के प्रयोग मे किया गया समीक्षा के दौरान मार्च में सुखद परिणाम मिले।
10 विद्यालय की छात्र उपस्थिति जनवरी/ फरवरी 2024निम्न प्रकार दर्ज किया गया,
विद्यालय जनवरी फरवरी वृद्धि
(आंकड़े प्रतिशत में)
Ms परमेश्वरपुर 47 67 20
PS हरिजनपारा
परशुरामपुर 69 77 08
Ms कौशलपुर 45 63 18
Ms पतरापाली 54 72 18
Ms पण्डोपारा
परशुरामपुर 48 61 13
Ps दवना 61 71 10
पीएम श्री ps
केशवपुर 49 59 10
Ms परशुरामपुर 47 56 09
Ms बरबसपुर 84 92 07
Ms तिवरागुडी 60 62 02
क्या है मोबाइल काल सेंटर एवम नोटिस कॉर्नर —
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार साहू ने बताया की छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए यह दोनों कार्य बहुत पहले से विद्यालयों में प्रयोग किये जा रहे थे
किंतु “टारगेटेड लक्ष्य” एवम “सतत प्रयास” के अनुरूप इसे मॉडिफाई करके नए फ्लेवर में एक “नया कॉन्सेप्ट शिक्षकों” को दिया गया है।
विद्यालय में प्रधान पाठक और सभी शिक्षक मिलकर के एक पंजी संधारित करते हैं
पंजी के बाई और अंदर में छात्र का नाम, पिता का नाम, कक्षा, मोबाइल नंबर, और मोहल्ले का नाम दाहिनी ओर के पृष्ठ पर छह कालम का निर्माण करते हैं
प्रथम कालखंड लेने के पश्चात कक्षा शिक्षक अपने-अपने कक्षा के अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों को फोन लगाते हैं और उन्हें विद्यालय में भेजने का आग्रह करते हैं,
तथा पालकों को बताते हैं कि आज विद्यालय नहीं आने से बच्चे का कितना नुकसान होगा इसलिए एक घंटा लेट ही सही आप बच्चे को स्कूल तैयार करके पहुचावें,
इससे पालक प्रेरित होते हैं और बच्चे को स्कूल पहुंचाते हैं।
पालक को कॉल करने की तिथि और समय अनुपस्थित बच्चों के कलम में अंकित कर दिया जाता है।
इसी प्रकार “नोटिस कॉर्नर” में एक पंजी नोटिस कॉर्नर के नाम से संधारित किया जाता है,
तीन दिन से अधिक अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों को विद्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाता है,
तथा आगामी तिथि पर 3:00 बजे के पश्चात विद्यालय में ऐसे पालकों को बुलाया जाता है
प्रधान पाठक एवम सभी शिक्षक मिलकर के पालकों को अनुपस्थिति, बच्चों के बारे में शैक्षणिक उपब्धि का फीडबैक दिया जाता है।
उन्हें एक अच्छे वातावरण में काउंसलिंग करके यह समझाने का प्रयास किया जाता है कि यदि आप अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजेंगे तो बच्चा अच्छा शिक्षा ग्रहण करके उच्च नंबर प्राप्त कर आगे के कक्षा में जाएगा और इस प्रकार जब आपका बेटा/ बेटी स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के बाद कोई अच्छे पद पर चयनित हो जाएगा तो आपके सपने उसी दिन साकार होंगे,
आपकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
इससे पालक प्रेरित होते हैं और बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
अभी 6 मार्च 2024 की सीएससी बैठक में सभी 35 संकुल के सीएससी को प्रत्येक संकुल से एक प्राथमिक शाला और एक माध्यमिक शाला का चुनाव करके इन दोनों कांसेप्ट को लागू करने का निर्देश दिया गया है।
अप्रैल माह में समीक्षा के दौरान ऐसे ही उत्साह पूर्वक उपस्थिति का परिणाम आया तो आगामी शिक्षा सत्र से पूरे विकासखंड रामानुजनगर के 216 प्राथमिक और 92 माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
इसके अलावा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ शिक्षक डोर टू डोर पालक संपर्क करते है,
पीटीएम तथा छात्रों के जन्मदिन पर विद्यालय में सामूहिक जन्म दिवस भी मनाया जाता है।
जिसे न्योता भोज के रूप मे सार्वजनिक रूप से मनाने का प्रचलन विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षा अधिकारी कि उपस्तिथि मे सम्पन्न कराया जाता है,
जिससे विद्यालय के छात्रों अभिभावको तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक भोजन का आनंद मिलकर लेते हैं, यह एक एकजुटता का संदेश है l




