सूरजपुर जिले के एक मात्र साप्ताहिक बज़ार मे ईमारती लकड़ी का क़ृषि उपकरण बेचने का मामला प्रकाश मे आया है,
उल्लेखनीय है की रामानुजनगर श्रीनगर मे मंगलवार क़ो लगने वाले इस विशाल बज़ार मे
बेसकीमती सागोंन साल के कीमती लकड़ी क़ो जंगल या प्लानटेशन से चोरी करके नागर, जुआ, रघरी,कोपर सहित अन्य प्रकार के क़ृषि उपकरण की खुले आम बज़ार मे बेचा जा रहा है,जबकि वन विभाग का कार्यालय और वन अमला यहां पर यथावत होने के बाद न तो रोका जा रहा न टोका जा रहा है ना ही क़ोई ठोस कार्यवाही किया जा रहा है, वहीं इस तरह के अवैध जंगल की ईमारती की चोरी कर के लाखों का क़ृषि उपकरण बनाकर खुले आम बेचा जा रहा है, जिसे लेने वाले गांव गांव और शहरों के समीप ग्रामीणों द्वारा भारी मात्रा मे खरीद कर ले जाते देखा जा सकता, वहीं अगर देखा जाये तो यह बज़ार ईमारती के साथ जलाऊ लकड़ी बिक्री केंद्र और बज़ार के नाम से महसूर हो चूका किन्तु विभाग के रेंजर और डिप्टी रेंजर की लापरवाही कहें या उदासीनता या संरक्षण क़ो इंकार नहीं किया जा सकता है, ऐसे मे ईमारती लकड़ियों के तस्करो की बाढ़ सी आ गई है, और कार्यवाही शून्य है, कुछ शुभ चिंतको ने बताया की वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा लेनदेन करके बेचने की खुली छूट दे रक्खा है, इसलिए बेचने वाले ईमारती सफ्ताहिक बज़ार मे बेच रहे है l