बाल श्रम रोकथाम अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक कदम

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अनिल साहू

सूरजपुर। सूरजपुर ज़िला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और यूनिसेफ़ के सहयोग से 01 जून से 30 जून तक बाल श्रम रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास को प्रोत्साहित करना है। अभियान के तहत, सभी सुपरवाईजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और वॉलंटियर्स द्वारा अपने-अपने ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रैली, पोस्टर, नारे और दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है। बाल श्रम की परिभाषा के अनुसार, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से ऐसा कार्य करें जो उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास के लिए हानिकारक हो, या 14-18 वर्ष के बच्चों से जोखिमपूर्ण काम करवाना, बाल श्रम कहलाता है। यदि कोई बच्चा बाल श्रम करते हुए पाया जाता है, तो चाइल्ड लाइन 1098 या जिला प्रशासन टीम से तुरंत संपर्क करें। अभियान का उद्देश्य न केवल जागरूकता फैलाना है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देना है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसे समाप्त करने में सहयोग करें।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर